Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?
Advertisements
उत्तर
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया −
- 1924 में 'रॉयल सोसायटी' की सदस्यता प्रदान की गई।
- 1929 में उन्हें 'सर' की उपाधि दी गई।
- 1930 में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार 'नोबल पुरस्कार' प्रदान किया गया।
- रॉयल सोसायटी का ह्यूज पदक प्रदान किया गया।
- फ़िलोडेल्फ़िया इंस्टीट्यूट का 'फ्रेंकलिन पदक' मिला।
- सोवियत संघ का अंतर्राष्ट्रीय 'लेनिऩ पुरस्कार मिला।
- 1954 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
भोजन के संबंध में लेखिका को अन्य पालतू जानवरों और गिल्लू में क्या अंतर नज़र आया?
'मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उल्टी निकलती हैं' −का आशय स्पष्ट कीजिए।
कुएँ में साँप होने का पता लेखक एवं अन्य बच्चों को कैसे चला?
टीलियामुरा कस्बे में लेखक का परिचय किन दो प्रमुख हस्तियों से हुआ? समाज कल्याण के कार्यों में उनका क्या योगदान था?
सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे?
गांधी जी और पटेल की मुलाकात आश्रम के सामने सड़क पर क्यों हुई?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
क्या तुम भयभीत थीं
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री
तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
'अपना परिचय उनके 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' के रूप में देने में वे गौरवान्वित महसूस करते थे।'
महादेव भाई के चरित्र से आप कौन-कौन से मूल्य अपनाना चाहेंगे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
लोग दूसरे के होम की स्वीटनेस को काटने न दौड़ें।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
मेरी सहनशीलता की वह अंतिम सुबह होगी।
अतिथि के अपेक्षा से अधिक रूक जाने पर लेखक की क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ हुईं, उन्हें क्रम से छाँटकर लिखिए।
लेखक ने घर आए अतिथि के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का निर्वाह किस तरह किया?
दूसरे दिन अतिथि के न जाने पर लेखक और उसकी पत्नी का व्यवहार किस तरह बदलने लगता है?
लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते?
रामन् को ‘रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना की प्रेरणा कहाँ से मिली? इसकी स्थापना का उद्देश्य क्या था?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसमें केवल इतना ही दोष है कि वह कुछ भी नहीं समझता-बूझता और दूसरे लोग उसे जिधर जोत देते हैं, उधर जुत जाता है।
