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Question
गांधी जी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
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Solution
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बड़े भाई द्वारा बुलाए जाने की बात सुनकर लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?
लेखक ने बिंदा और पुस्तकों को क्यों प्रणाम किया?
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
हामिद खाँ की दुकान का चित्रण कीजिए।
जज को पटेल की सजा सुनाने के लिए आठ लाइन के फ़ैसले को लिखने में डेढ़ घंटा क्यों लगा? स्पष्ट कीजिए।
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लेखिका को ध्वज जैसा क्या लगा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लोपसांग ने तंबू का रास्ता कैसे साफ़ किया?
निम्नलिखित क्रिया विशेषणों का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
बादल घिरने के ______ ही वर्षा हो गई।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
इस पेशे में आमतौर पर स्याह को सफ़ेद और सफ़ेद को स्याह करना होता था।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
देश और दुनिया को मुग्ध करके 'शुक्रतारे की तरह ' ही अचानक अस्त हो गए।
सूर्यमंडल में नौ ग्रह हैं। शुक्र सूर्य से क्रमशः दूरी के अनुसार दूसरा ग्रह है और पृथ्वी तीसरा। चित्र सहित परियोजना पुस्तिका में अन्य ग्रहों के क्रम लिखिए।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
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निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
‘अतिथि देवो भव’ उक्ति की व्याख्या करें तथा आधुनिक युग के संदर्भ में इसका आकलन करें।
अतिथि रूपी देवता और लेखक रूपी मनुष्य को साथ-साथ रहने में क्या परेशानियाँ दिख रही थीं?
लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
तुम्हारे मानने ही से मेरा ईश्वरत्व कायम नहीं रहेगा, दया करके, मनुष्यत्व को मानो, पशु बनना छोड़ो और आदमी बनो !
रमुआ और बुधू मियाँ जैसे लोगों का दोष क्या है?
