Advertisements
Advertisements
Question
हमारे देश में धर्म के ठेकेदार कहलाने का दम भरने वाले लोग मूर्ख लोगों का शोषण किस तरह करते हैं?
Advertisements
Solution
हमारे देश में धर्म के ठेकेदार कहलाने का दम भरने वाले लोग मूर्ख लोगों के मस्तिष्क में धर्म का उन्माद भरते हैं और फिर उसकी बुधि में ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए सुरक्षित करके धर्म, आत्मा, ईश्वर, ईमान आदि के नाम पर एक-दूसरे से लड़ाते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
लेखक पर बिजली-सी कब गिर पड़ी?
'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ' − का आशय स्पष्ट कीजिए।
लेखक ने अर्धमृत्यु की हालत में कहाँ रहने की जिद की और क्यों?
सांप्रदायिक दंगों की खबर पढ़कर लेखक कौन-सी प्रार्थना करने लगा?
हामिद खाँ की दुकान का चित्रण कीजिए।
आज समाज में हामिद जैसों की आवश्यकता है। इससे आप कितना सहमत हैं और क्यों?
हामिद कौन था? उसे लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
जज को पटेल की सजा सुनाने के लिए आठ लाइन के फ़ैसले को लिखने में डेढ़ घंटा क्यों लगा? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:
पास-पड़ोस की दुकानों से पूछने पर लेखक को क्या पता चला?
यदि आपने भगवाना की माँ जैसी किसी दुखिया को देखा है तो उसकी कहानी लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैंप बनाए गए? उनका वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
गाँधीजी से मिलने आनेवालों के लिए महादेव भाई क्या करते थे?
लेखिका को बड़ा फूल (प्लूम) कैसा लगा? यह फूल कैसे बनता है?
तीसरे दिन की किस सफलता को सुनकर कर्नल खुल्लर खुश हो रहे थे?
बचेंद्रीपाल ने जूस और चाय लेकर नीचे जाने का जोखिम क्यों लिया?
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन-सी भ्रांति तोड़ने की कोशिश की?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
देश को वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन प्रदान करने में सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालिए।
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम ____________ था।
