Advertisements
Advertisements
Question
किन कारणों से लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय लिया?
Advertisements
Solution
चिट्ठियाँ लेखक के बड़े भाई ने डाकखाने में डालने के लिए दी थी। लेखक अपने बड़े भाई से बहुत डरते थे। कुएँ में चिट्ठियाँ गिरने से उन्हें अपनी पिटाई का डर था और वह झूठ भी नहीं बोल सकता था। इसलिए भी कि उसे अपने डंडे पर भी पूरा भरोसा था। इन्हीं सब कारणों से लेखक ने कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने का निर्णय किया।
RELATED QUESTIONS
लेखिका ने कैसे जाना कि गिल्लू उसकी अनुपस्थिति में दुखी था?
‘तक्षशिला और मालाबार के लोगों में सांप्रदायिक सद्भाव में क्या अंतर है’? हामिद खाँ पाठ के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
भगवाना अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता था?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
जैसे वायु की लहरें कटी हुई पतंग को सहसा भूमि पर नहीं गिर जाने देतीं उसी तरह खास परिस्थितियों में हमारी पोशाक हमें झुक सकने से रोके रहती है।
बुढ़िया को रोते देखकर लेखक चाहकर भी क्या न कर सका?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने क्या कहा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?
वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले तो इसे स्वयं अनुभव करके देखिए।
लेखिका को बड़ा फूल (प्लूम) कैसा लगा? यह फूल कैसे बनता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
मेरी सहनशीलता की वह अंतिम सुबह होगी।
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
विद्यार्थी अपने घर आए अतिथियों के सत्कार का अनुभव कक्षा में सुनाएँ।
लेखक ने घर आए अतिथि के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का निर्वाह किस तरह किया?
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ पाठ की प्रासंगिकता आधुनिक संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
रामन् की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
रामन् के प्रारंभिक शोधकार्य को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीज़ें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।
लेखक किसके द्वारा किए गए शोषण को बुरा मानता है-धनायों द्वारा या अपने देश के स्वार्थी तत्वों द्वारा किए जा रहे शोषण को? पाठ के आलोक में लिखिए।
‘धर्म की आड़’ पाठ में निहित संदेश का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘धर्म की आड़’ पाठ से युवाओं को क्या सीख लेनी चाहिए?
