English

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

Advertisements
Advertisements

Question

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

One Line Answer
Advertisements

Solution

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाया करते थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?


'साँप ने फुसकार मारी या नहीं, ढेला उसे लगा या नहीं, यह बात अब तक स्मरण नहीं' - यह कथन लेखक की किस मनोदशा को स्पष्ट करता है?


लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।


पढ़ाई के प्रति अपने माता-पिता की चिंता दूर करने के लिए आप क्या करते हैं?


गांधी जी और पटेल की मुलाकात आश्रम के सामने सड़क पर क्यों हुई?


अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं और किन मानवीय मूल्यों के कारण गांधी जी देशभर में लोकप्रिय हो गए थे?


निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो

  1. कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
  4. संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


बुढ़िया के दुख से दुखी लेखक को किसकी याद आई?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −

बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई अपना परिचय किस रूप में देते थे?


लोपसांग ने लेखिका की जान किस तरह से बचाई?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −

अतिथि सदैव देवता नहीं होता, वह मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है।


विद्यार्थी अपने घर आए अतिथियों के सत्कार का अनुभव कक्षा में सुनाएँ।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

'रामन् प्रभाव' की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य संभव हो सके?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −

उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण थी।


नीचे दिए गए उदाहरण 'ही' का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए।

उदाहरण : उनके ज्ञान की सशक्त नींव उनके पिता ने ही तैयार की थी।


‘रामन् स्पेक्ट्रोस्कोपी’ और ‘इंफ्रारेडस्पेक्ट्रोस्कोपी’ में क्या अंतर है, पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


देश में धर्म की धूम है’-का आशय स्पष्ट कीजिए।


‘धर्म की आड़’ पाठ में निहित संदेश का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘धर्म की आड़’ पाठ से युवाओं को क्या सीख लेनी चाहिए?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×