Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।
Advertisements
Solution
लेखिका जब एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचकर घुटनों के बल बैठ कर बर्फ़ पर अपना माथा लगाया और चुंबन किया। उसके बाद एक लाल कपड़े में माँ दुर्गा का चित्र और हनुमान चालीसा को लपेटा और छोटी से पूजा करके बर्फ़ में दबा दिया वह बहुत खुश थी और उसे अपने माता-पिता का स्मरण हो आया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
त्रिपुरा 'बहुधार्मिक समाज' का उदाहरण कैसे बना?
लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?
सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे?
गांधी जी और पटेल की मुलाकात आश्रम के सामने सड़क पर क्यों हुई?
रासे में गांधी जी को किस तरह स्वागत हुआ? उन्होंने रास में रहने वाले दरबारों का उदाहरण किस संदर्भ में दिया?
निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो
- कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
- कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
- अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
- संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
- अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।
ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।
व्यक्ति की पहचान उसकी पोशाक से होती है। इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
डॉ. मीनू मेहता ने क्या जानकारियाँ दीं?
नीचे दिए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग कीजिए −
उदाहरण : हमारे पास एक वॉकी-टॉकी था।
टेढ़ी-मेढ़ी
गहरे-चौड़े
आस-पास
हक्का-बक्का
इधर-उधर
लंबे-चौड़े
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी क्यों रहने लगी थी?
'इक' प्रत्यय लगाकर शब्दों का निर्माण कीजिए −
|
सप्ताह |
- |
साप्ताहिक |
|
साहित्य |
- |
_________ |
|
व्यक्ति |
- |
_________ |
|
राजनीति |
- |
_________ |
|
अर्थ |
- |
_________ |
|
धर्म |
- |
_________ |
|
मास |
- |
_________ |
|
वर्ष |
- |
_________ |
दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
‘सागरमाथा’ क्या है? लेखिका को यह नाम कैसा लगा?
एवरेस्ट अभियान दल कब रवाना हुआ? उससे पहले अग्रिम दल क्यों भेजा गया?
‘आर्थिक सीमाओं की बैंजनी चट्टान’ कहकर लेखक ने किस ओर संकेत किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम ____________ था।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
अब तो, आपका पूजा-पाठ न देखा जाएगा, आपकी भलमनसाहत की कसौटी केवल आपका आचरण होगी।
निम्नलिखित उदाहरण को पढ़कर पाठ में आए संयुक्त शब्दों को छाँटकर लिखिए-
उदहारण : चलते-पुरजे
गांधी जी के अनुसार धर्म का स्वरूप क्या था?
