हिंदी

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाया करते थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?


लेखिका ने कैसे जाना कि गिल्लू उसकी अनुपस्थिति में दुखी था?


लेखिका ने लघु जीव की जान किस तरह बचाई? उसके इस कार्य से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?


'साँप ने फुसकार मारी या नहीं, ढेला उसे लगा या नहीं, यह बात अब तक स्मरण नहीं' - यह कथन लेखक की किस मनोदशा को स्पष्ट करता है?


डाकखाने में पत्र डालने जाते समय लेखक ने क्या-क्या तैयारियाँ कीं और क्यों?


लेखक ने अपनी शांतिपूर्ण जिंदगी में खलल पड़ने की बात लिखी है। ऐसा कब और कैसे हुआ?


‘कल्लू कुम्हार की उनाकोटी’ पाठ के आधार पर गंगावतरण की कथा का उल्लेख कीजिए और बताइए कि ऐसे स्थलों की यात्रा करते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?


महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।


रघुनाथ काका ने सत्याग्रहियों की मदद किस तरह की?


रास की जनसभा में गांधी जी ने लोगों को किस तरह स्वतंत्रता के प्रति सचेत किया?


पता कीजिए कि कौन-से साँप विषेले होते हैं? उनके चित्र एकत्र कीजिए और भित्ति पत्रिका में लगाइए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
इस पेशे में आमतौर पर स्याह को सफ़ेद और सफ़ेद को स्याह करना होता था।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
धर्म के व्यापार को रोकने के लिए क्या उद्योग होने चाहिए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
धर्म के स्पष्ट चिह्न क्या हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
लेखक की दृष्टि में धर्म की भावना कैसी होनी चाहिए?


वह कौन-सी बात थी, जो लेखिका को डराने के लिए काफ़ी थी?


लेखिका ने अंगदोरजी के प्रति किस तरह धन्यवाद ज्ञापित किया? इस पर उनकी प्रतिक्रिया क्या थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

पति-पत्नी ने मेहमान का स्वागत कैसे किया?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×