Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
Advertisements
उत्तर
भारत के धर्म के कुछ महान लोग साधारण लोगों को भ्रमित कर देते हैं। वे अपना खेल, व्यापार शुरू कर देते हैं। वे अपने को ईश्वर की जगह रख देते हैं और लोगों को ईश्वर, आत्मा, धर्म, ईमान के नाम पर लड़ाते हैं, अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं तथा साधारण लोगों का दुरूपयोग कर शोषण करते हैं।
संबंधित प्रश्न
पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?
लेखक को अपने पिटने का भय कब दूर हुआ?
लेखक को अपनी यात्रा में शूटिंग के लिए क्या-क्या खतरे उठाने पड़े? इस तरह की परिस्थितियों का विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है? ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए कुछ सुझाव दीजिए।
बीमार लेखक को कहाँ लिटाया गया। वह लेटे-लेटे क्या देखा करता था?
पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि − 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।'अपने शब्दों में लिखिए।
नदी पार करने के लिए सत्याग्रहियों ने रात दस बजे के बाद का समय क्यों चुना?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री से कोई खरबूज़े क्यों नहीं खरीद रहा था?
निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो
- कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
- कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
- अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
- संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
- अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।
ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
साउथ कोल कैंप पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की महत्त्वपूर्ण चढ़ाई की तैयारी कैसे शुरु की?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैंप बनाए गए? उनका वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए −
पंजाब में फ़ौजी शासन ने क्या कहर बरसाया?
निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए −
- आड़े हाथों लेना
- अस्त हो जाना
- दाँतों तले अंगुली दबाना
- मंत्र-मुग्ध करना
- लोहे के चने चबाना
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखक के अनुसार स्वाधीनता आंदोलन का कौन सा दिन बुरा था?
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
किसी लॉण्ड्री पर दे देते हैं, जल्दी धुल जाएँगे। (प्रश्नवाचक वाक्य)
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए ____________ का सहारा लिया जाता था।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए −
अस्पताल के अस्थायी कर्मचारियों को ______ रुप से नौकरी दे दी गई है।
भारत के किन-किन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला है? पता लगाइए और लिखिए।
‘धर्म एकता का माध्यम है’- इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।
