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प्रश्न
बीमार लेखक को कहाँ लिटाया गया। वह लेटे-लेटे क्या देखा करता था?
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उत्तर
बीमार लेखक ने ज़िद की कि उसे उस कमरे में लिटाया जाए जहाँ उसकी हज़ारों पुस्तकें रखीं हुई थीं। इस कमरे में लेटे-लेटे वह बाईं ओर की खिड़की के सामने झुलते सुपारी के झालरदार पत्ते देखा करता था। इनसे निगाह हटते ही वह अपने कमरे में ठसाठस भरी पुस्तकों को देखा करता था।
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