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प्रश्न
लेखक की दृष्टि में धर्म और ईमान को किसका सौदा कहा गया है और क्यों ?
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उत्तर
लेखक ने दृष्टि में धर्म और ईमान को मन का सौदा कहा गया है क्योंकि यह व्यक्ति का अधिकार है कि उसका मन किस धर्म को मानना चाहता है। इसके लिए व्यक्ति को पूरी आज़ादी होनी चाहिए। व्यक्ति को कोई धर्म अपनाने या त्यागने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए।
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(क)
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- उसके लिए तो बजाज की दुकान से कपड़ा लाना ही होगा।
- चाहे उसके लिए माँ के हाथों के छन्नी-ककना ही क्यों न बिक जाएँ।
(ख)
-
अरे जैसी नीयत होती है, अल्ला भी वैसी ही बरकत देता है।
-
भगवाना जो एक दफे चुप हुआ तो फिर न बोला।
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|
चाँद |
ज़िक्र |
आघात |
ऊष्मा |
अंतरंग |
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
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उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
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