Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखक के अनुसार स्वाधीनता आंदोलन का कौन सा दिन बुरा था?
Advertisements
उत्तर
लेखक के अनुसार स्वाधीनता आंदोलन का वह दिन सबसे बुरा था जिस दिन स्वाधीनता के क्षेत्र में खिलाफत, मुल्ला मौलवियों और धर्माचार्यों को स्थान दिया जाना आवश्यक समझा गया। इस प्रकार स्वाधीनता आंदोलन ने एक कदम और पीछे कर लिया जिसका फल आज तक भुगतना पड़ रहा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखिका को अकस्मात किस छोटे जीव का स्मरण हो आया और कैसे?
भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?
‘तक्षशिला और मालाबार के लोगों में सांप्रदायिक सद्भाव में क्या अंतर है’? हामिद खाँ पाठ के आधार पर लिखिए।
हामिद खाँ ने अपने व्यवहार से भारतीय संस्कृति की किस विशेषता की यादें ताज़ी कर दीं, और कैसे?
हामिद के भारत आने पर आप उसके साथ कैसा व्यवहार करते?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
बुढ़िया को कोई भी क्यों उधार नहीं देता?
आज अच्छी पोशाक की आवश्यकता एवं महत्त्व क्यों बढ़ गया है?
इस पर्वत का नाम ‘एवरेस्ट’ क्यों पड़ा? जानकारी प्राप्त कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था?
सूर्यमंडल में नौ ग्रह हैं। शुक्र सूर्य से क्रमशः दूरी के अनुसार दूसरा ग्रह है और पृथ्वी तीसरा। चित्र सहित परियोजना पुस्तिका में अन्य ग्रहों के क्रम लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
साधारण से साधारण आदमी तक के दिल में क्या बात अच्छी तरह घर कर बैठी है?
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्याय लिखिए −
|
चाँद |
ज़िक्र |
आघात |
ऊष्मा |
अंतरंग |
‘आर्थिक सीमाओं की बैंजनी चट्टान’ कहकर लेखक ने किस ओर संकेत किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
देश को वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन प्रदान करने में सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
रामन् की खोज ______ के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।
नौकरी से बचे समय को रामन् कैसे बिताते थे?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
कुछ लोग ईश्वर को रिश्वत क्यों देते हैं? ऐसे लोगों को लेखक क्या सुझाव देता है?
