English

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

भारत के धर्म के कुछ महान लोग साधारण लोगों को भ्रमित कर देते हैं। वे अपना खेल, व्यापार शुरू कर देते हैं। वे अपने को ईश्वर की जगह रख देते हैं और लोगों को ईश्वर, आत्मा, धर्म, ईमान के नाम पर लड़ाते हैं, अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं तथा साधारण लोगों का दुरूपयोग कर शोषण करते हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: गणेशशंकर विद्यार्थी - धर्म की आड़ - लिखित (ग) [Page 53]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 5 गणेशशंकर विद्यार्थी - धर्म की आड़
लिखित (ग) | Q 2 | Page 53

RELATED QUESTIONS

कुएँ में उतरकर चिट्ठियों को निकालने संबंधी साहसिक वर्णन को अपने शब्दों में लिखिए।


डाकखाने में पत्र डालने जाते समय लेखक ने क्या-क्या तैयारियाँ कीं और क्यों?


लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?


लेखक को पुरस्कार स्वरूप मिली दोनों पुस्तकों का कथ्य क्या था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ के आधार पर लिखिए।


कनकापुरा में गांधी जी की सभा के बाद आगे की यात्रा में परिवर्तन क्यों कर दिया गया?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

इस पाठ का शीर्षक 'दु:ख का अधिकार' कहाँ तक सार्थक है? स्पष्ट कीजिए।


अपने बेटे का इलाज ओझा से कराना बुढिया को किस तरह भारी पड़ गया?


‘दुख का अधिकार’ पाठ का उद्देश्य मानवीय संवेदना जगाना है।’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए-
उदाहरण : गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
गांधी जी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।

  1. महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
  2. पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
  3. दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
  4. देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
  5. गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

सूर्यमंडल में नौ ग्रह हैं। शुक्र सूर्य से क्रमशः दूरी के अनुसार दूसरा ग्रह है और पृथ्वी तीसरा। चित्र सहित परियोजना पुस्तिका में अन्य ग्रहों के क्रम लिखिए।


गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।


रामधारी सिंह दिनकर का लेख-‘हिम्मत और जिंदगी’ पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।


निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए 

 
हम तुम्हें स्टेशन तक छोड़ने जाएँगे। (नकारात्मक वाक्य)

‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?


अतिथि रूपी देवता और लेखक रूपी मनुष्य को साथ-साथ रहने में क्या परेशानियाँ दिख रही थीं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

रामन् को मिलनेवाले पुरस्कारों ने भारतीय-चेतना को जाग्रत किया। ऐसा क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण थी।


उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए 

रामन् की खोज ______ के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।


‘धर्म की आड़’ पाठ में निहित संदेश का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘धर्म की आड़’ पाठ से युवाओं को क्या सीख लेनी चाहिए?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×