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गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे। - Hindi Course - B

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प्रश्न

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाया करते थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 6 स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

संबंधित प्रश्‍न

लेखक ने अपनी शांतिपूर्ण जिंदगी में खलल पड़ने की बात लिखी है। ऐसा कब और कैसे हुआ?


पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि − 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।'अपने शब्दों में लिखिए।


महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

बाज़ार के लोग खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री के बारे में क्या-क्या कह रहे थे? अपने शब्दों में लिखिए।


व्यक्ति की पहचान उसकी पोशाक से होती है। इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।


बुढ़िया को खरबूजे बेचते देख लोग किन-किन विशेषणों का प्रयोग कर रहे थे? उनका ऐसा कहना कितना उचित था?


भगवान का मुँह अँधेरे खरबूजे तोड़ना किस तरह जानलेवा साबित हुआ?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटाछोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 
इस पेशे में आमतौर पर स्याह को सफ़ेद और सफ़ेद को स्याह करना होता था।


निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए

  1. वारिस – ____________
  2. जिगरी – ___________
  3. कहर – ___________
  4. मुकाम – ___________
  5. रूबरू – ___________
  6. फ़र्क – ___________
  7. तालीम – ___________
  8. गिरफ्तार – ___________

वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले तो इसे स्वयं अनुभव करके देखिए।


तीसरे दिन की किस सफलता को सुनकर कर्नल खुल्लर खुश हो रहे थे?


पाठ में आए इन वाक्यों में ‘चुकना’ क्रिया के विभिन्न प्रयोगों को ध्यान से देखिए और वाक्य संरचना को समझिए-

  1. तुम अपने भारी चरण-कमलों की छाप मेरी ज़मीन पर अंकित कर चुके
  2. तुम मेरी काफ़ी मिट्टी खोद चुके
  3. आदर-सत्कार के जिस उच्च बिंदु पर हम तुम्हें ले जा चुके थे।
  4. शब्दों का लेन-देन मिट गया और चर्चा के विषय चूक गए
  5. तुम्हारे भारी-भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी और तुम यहीं हो।

अतिथि को आया देख लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?


यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

'रामन् प्रभाव' की खोज के पीछे कौन-सा सवाल हिलोरें ले रहा था?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 
उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसमें केवल इतना ही दोष है कि वह कुछ भी नहीं समझता-बूझता और दूसरे लोग उसे जिधर जोत देते हैं, उधर जुत जाता है।


उदाहरण के अनुसार शब्दों के विपरीतार्थक लिखिए-

  • सुगम – दुर्गम
  • ईमान – _______
  • धर्म – ________
  • स्वार्थ – ________
  • साधारण – ________
  • नियंत्रित – ________
  • दुरुपयोग – ________
  • स्वाधीनता – ________

रमुआ पासी और बुधू मियाँ किनके प्रतीक हैं?


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