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Question
निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –
वैद्युत कण संचलन
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Solution
वैद्युत कण संचलन (Electrophoresis) – कोलॉइडी कणों पर धनात्मक़ या ऋणात्मक विद्युत आवेश होता है। जिससे ये कण विद्युत क्षेत्र के प्रभाव में विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर अभिगमन करते हैं। विद्युत क्षेत्र में कोलॉइडी कणों के विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर अभिगमन (migration) की घटना को विद्युत कण-संचलन कहते हैं। कोलॉइडी कणों की कैथोड की ओर की गति को धन कण संचलन (cataphoresis) तथा ऐनोड की ओर गति को ऋण कण-संचलन (anaphoresis) कहते हैं जैसे फेरिक हाइड्रॉक्साइड सॉल के कोलॉइडी कण धनावेशित होते हैं और ये कैथोड की ओर गति करते हैं। इसकी सहायता से कोलॉइडी विलयनों में कोलॉइडी कणों पर आवेश का अध्ययन किया जाता है।

वैद्युत कण संचलन
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- दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
- कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
- पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
- ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।
जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?
(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।
(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।
(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।
(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए परिक्षेपण के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मक्खन | (a) द्रव का द्रव में परिक्षेपण |
| (ii) प्यूमिस पत्थर | (b) ठोस का द्रव में परिक्षेपण |
| (iii) दूध | (c) गैस का ठोस में परिक्षेपण |
| (iv) पेन्ट | (d) द्रव का ठोस में परिक्षेपण |
