Advertisements
Advertisements
Question
अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक क्यों है?
Advertisements
Solution
अवक्षेप बनाने के लिए मिश्रित विद्युत-अपघट्यों की कुछ मात्रा अवक्षेप के कणों की सतह पर अधिशोषित बनी रहती है, अतः अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक होता है।
RELATED QUESTIONS
कोलॉइडी विलयनों को परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम की भौतिक अवस्थाओं के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –
अपोहन
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐल्कोसॉल
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
हाइड्रोसॉल
“कोलॉइड एक पदार्थ नहीं पदार्थ की एक अवस्था है” इस कथन, पर टिप्पणी कीजिए।
निम्नलिखित वैद्युत् अपघट्यों में से AgI/Ag+ सॉल के लिए किसका स्कंदन मान अधिकतम होगा?
नदियों और समुद्र के मिलने के स्थान पर डेल्टा बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम उत्तरदायी है?
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
- साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
- साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
- साबुन के विलयन का तनुकरण करने से मिसेल वापस अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं।
- साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।
जब एक द्रवरागी सॉल को एक द्रवविरागी सॉल में मिलाया जाता है तो क्या होता है?
- द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
- द्रवरागी सॉल का रक्षण होता है।
- द्रवरागी सॉल की फ़िल्म द्रवविरागी सॉल पर बनती है।
- द्रवविरागी सॉल की फ़िल्म द्रवरागी सॉल पर बनती है।
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?
