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हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?

Answer in Brief
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Solution

किसी वैद्युत्‌ अपघट्य की वह न्यूनतम मात्रा, जो किसी सॉल को स्कंदित करने के लिए आवश्यक होती है, उसका स्कंदन मान कहलाती है। अवक्षेपक आयन पर आवेश जितना अधिक होगा और वैद्युत्‌ अपघट्य की अपक्षेपण के लिए जितनी कम मात्रा की आवश्यकता होगी, अवक्षेपक आयन की स्कंदन शक्ति उतनी ही अधिक होगी (हार्डी-शुल्से नियम)।

shaalaa.com
कोलॉइडी
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Chapter 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [Page 73]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q III. 54. | Page 73

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

कोलॉइडी सॉल में से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है।


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

अपोहन


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

टिन्डल प्रभाव


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

ऐल्कोसॉल


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

हाइड्रोसॉल


“कोलॉइड एक पदार्थ नहीं पदार्थ की एक अवस्था है” इस कथन, पर टिप्पणी कीजिए।


ताजा बना अवक्षेप किसके द्वारा कभी-कभी कोलाँइडी विलयन में परिवर्तित हो जाता है?


निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

  1. साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
  2. साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
  3. साबुन के विलयन का तनुकरण करने से मिसेल वापस अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं।
  4. साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।

जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?

(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।


कोलोडियन क्या होता है?


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