हिंदी

निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए – वैद्युत कण संचलन

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

वैद्युत कण संचलन

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

वैद्युत कण संचलन (Electrophoresis) – कोलॉइडी कणों पर धनात्मक़ या ऋणात्मक विद्युत आवेश होता है। जिससे ये कण विद्युत क्षेत्र के प्रभाव में विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर अभिगमन करते हैं। विद्युत क्षेत्र में कोलॉइडी कणों के विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर अभिगमन (migration) की घटना को विद्युत कण-संचलन कहते हैं। कोलॉइडी कणों की कैथोड की ओर की गति को धन कण संचलन (cataphoresis) तथा ऐनोड की ओर गति को ऋण कण-संचलन (anaphoresis) कहते हैं जैसे फेरिक हाइड्रॉक्साइड सॉल के कोलॉइडी कण धनावेशित होते हैं और ये कैथोड की ओर गति करते हैं। इसकी सहायता से कोलॉइडी विलयनों में कोलॉइडी कणों पर आवेश का अध्ययन किया जाता है।


           वैद्युत कण संचलन

shaalaa.com
कोलॉइडी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?


निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

जलयोजित फेरिक ऑक्साइड सॉल में NaCl विद्युत-अपघट्य मिलाया जाता है।


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

ऐल्कोसॉल


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

हाइड्रोसॉल


ताजा बना अवक्षेप किसके द्वारा कभी-कभी कोलाँइडी विलयन में परिवर्तित हो जाता है?


निम्नलिखित वैद्युत् अपघट्यों में से AgI/Ag+ सॉल के लिए किसका स्कंदन मान अधिकतम होगा?


उस कोलॉइडी तंत्र को जिसमें ठोस पदार्थ परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तथा द्रव परिक्षेपण माध्यम के रूप में होता है, कैसे वर्गीकृत करते हैं?


कोलॉइडी विलयन के अणुसंख्य गुणों के मान उसी सांद्रता के वास्तविक विलयन के मानों की तुलना में कम होते हैं, क्योंकि कोलॉइडी कण ______।


हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?


यदि अपोहन लम्बे समय तक किया जाए तो क्या होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×