हिंदी

जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है? (i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है। (ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?

(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

स्पष्टीकरण -

जब वैद्युतकणसंचलन, अर्थात कणों की गति को कुछ उपयुक्त साधनों द्वारा रोका जाता है, तो यह देखा जाता है कि परिक्षेपण माध्यम विद्युत क्षेत्र में गति करना शुरू कर देता है। इस घटना को इलेक्ट्रोस्मोसिस कहा जाता है।

shaalaa.com
कोलॉइडी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q II. 35. | पृष्ठ ७२

संबंधित प्रश्न

आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?


द्रवरागी एवं द्रवविरागी सॉल क्या होते हैं? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। द्रवविरोधी सॉल आसानी से स्कन्दित क्यों हो जाते हैं?


कोलॉइडों को निम्नलिखित आधार पर कैसे वर्गीकृत किया गया है? 

परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम के मध्य अन्योन्यक्रिया।


निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

कोलॉइडी सॉल में से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है।


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

वैद्युत कण संचलन


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

अपोहन


ताजा बना अवक्षेप किसके द्वारा कभी-कभी कोलाँइडी विलयन में परिवर्तित हो जाता है?


नदियों और समुद्र के मिलने के स्थान पर डेल्टा बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम उत्तरदायी है?


निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

  1. साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
  2. साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
  3. साबुन के विलयन का तनुकरण करने से मिसेल वापस अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं।
  4. साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) रक्षी कोलॉइड (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\]

(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड

(b) द्रवरागी कोलॉइड
(iii) धन आवेशित कोलाँइड (c) पायस
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड (d) FeCl3 + गरम जल

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×