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प्रश्न
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?
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उत्तर
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है तो आवेशित कोलॉइडी कण विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर गति करते हैं। इस घटना को वैद्युतकणसंचलन कहा जाता है।
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निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –
अपोहन
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- द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
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कुछ औषध कोलॉइडी रूप में अधिक असरदार होते हैं। क्यों?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
| (ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
| (iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
| (iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए परिक्षेपण के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मक्खन | (a) द्रव का द्रव में परिक्षेपण |
| (ii) प्यूमिस पत्थर | (b) ठोस का द्रव में परिक्षेपण |
| (iii) दूध | (c) गैस का ठोस में परिक्षेपण |
| (iv) पेन्ट | (d) द्रव का ठोस में परिक्षेपण |
