हिंदी

निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए – अपोहन - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

अपोहन

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

अपोहन (Dialysis) – यह विधि इस तथ्य पर आधारित है कि घुलित पदार्थों के अणु व आयन चर्म-पत्र झिल्ली (parchment paper) में से सरलतापूर्वक विसरित हो जाते हैं, जबकि कोलॉइडी कण उसमें से विसरित नहीं हो पाते या कठिनाई से विसरित होते हैं। चर्म- पत्र झिल्ली द्वारा कोलॉइडी विलयन में घुलित पदार्थों को पृथक् करने की विधि को अपोहन (dialysis) कहते हैं।


                      अपोहन

चर्म-पत्र झिल्ली से बनी एक थैली या किसी बेलनाकार पात्र, जिसे अपोहक (dialyser) कहते हैं, में कोलॉइडी विलयन भरकर उसे बहते हुए जल में निलम्बित करते हैं। कोलॉइडी विलयन में उपस्थित घुलित पदार्थ के कण झिल्ली में से होकर बहते जल के साथ बाहर निकल जाते हैं। कुछ दिनों में शुद्ध कोलॉइडी विलयन प्राप्त हो जाता है। अपोहन की दर को बढ़ाने के लिए विद्युत क्षेत्र भी प्रयुक्त किया जाता है जिसे विद्युत-अपोहन (electrodialysis) कहते हैं। अत: कोलॉइडी विलयनों के शोधन हेतु अपोहन विधि को प्रयुक्त करते हैं।

shaalaa.com
कोलॉइडी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?


अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक क्यों है?


द्रवरागी एवं द्रवविरागी सॉल क्या होते हैं? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। द्रवविरोधी सॉल आसानी से स्कन्दित क्यों हो जाते हैं?


निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

जलयोजित फेरिक ऑक्साइड सॉल में NaCl विद्युत-अपघट्य मिलाया जाता है।


मिसेल क्या हैं? मिसेल निकाय का एक उदाहरण दीजिए।


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

ऐल्कोसॉल


उस कोलॉइडी तंत्र को जिसमें ठोस पदार्थ परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तथा द्रव परिक्षेपण माध्यम के रूप में होता है, कैसे वर्गीकृत करते हैं?


जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?

(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) रक्षी कोलॉइड (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\]

(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड

(b) द्रवरागी कोलॉइड
(iii) धन आवेशित कोलाँइड (c) पायस
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड (d) FeCl3 + गरम जल

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) अपोहन (a) साबुन की मार्जन क्रिया
(ii) पेप्टन (b) स्कंदन
(iii) पायसीकरण (c) कोलॉइडी सॉल बनना
(iv) वैद्युत कण-संचलन (d) शुद्धिकरण

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×