Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐरोसॉल
Advertisements
उत्तर
ऐरोसॉल (Aerosol) – वह कोलॉइड जिसमें परिक्षेपण माध्यम वायु या गैस हो, ऐरोसॉल कहलाता है।
उदाहरणार्थ – कोहरा।
संबंधित प्रश्न
आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?
निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?
जलयोजित फेरिक ऑक्साइड सॉल में NaCl विद्युत-अपघट्य मिलाया जाता है।
ताजा बना अवक्षेप किसके द्वारा कभी-कभी कोलाँइडी विलयन में परिवर्तित हो जाता है?
कोलॉइडी विलयन के अणुसंख्य गुणों के मान उसी सांद्रता के वास्तविक विलयन के मानों की तुलना में कम होते हैं, क्योंकि कोलॉइडी कण ______।
नदियों और समुद्र के मिलने के स्थान पर डेल्टा बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम उत्तरदायी है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
- कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
- पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
- ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।
जब एक द्रवरागी सॉल को एक द्रवविरागी सॉल में मिलाया जाता है तो क्या होता है?
- द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
- द्रवरागी सॉल का रक्षण होता है।
- द्रवरागी सॉल की फ़िल्म द्रवविरागी सॉल पर बनती है।
- द्रवविरागी सॉल की फ़िल्म द्रवरागी सॉल पर बनती है।
गरम जल के आधिक्य में FeCl3 मिलाकर एक कोलॉइड बनाया गया। यदि इस कोलॉइड में NaCl आधिक्य में मिलाया जाए तो क्या होगा?
हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
| (ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
| (iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
| (iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |
