Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?
Advertisements
उत्तर
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है तो आवेशित कोलॉइडी कण विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर गति करते हैं। इस घटना को वैद्युतकणसंचलन कहा जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?
अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक क्यों है?
मिसेल क्या हैं? मिसेल निकाय का एक उदाहरण दीजिए।
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐल्कोसॉल
निम्नलिखित में से कौन-सा टिन्डल प्रभाव प्रदि्शित करेगा?
किस विधि द्वारा द्रवविरागी सॉल का रक्षण किया जा सकता है?
कोलॉइडी विलयन के अणुसंख्य गुणों के मान उसी सांद्रता के वास्तविक विलयन के मानों की तुलना में कम होते हैं, क्योंकि कोलॉइडी कण ______।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
- कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
- पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
- ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।
जब एक द्रवरागी सॉल को एक द्रवविरागी सॉल में मिलाया जाता है तो क्या होता है?
- द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
- द्रवरागी सॉल का रक्षण होता है।
- द्रवरागी सॉल की फ़िल्म द्रवविरागी सॉल पर बनती है।
- द्रवविरागी सॉल की फ़िल्म द्रवरागी सॉल पर बनती है।
हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?
