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उस कोलॉइडी तंत्र को जिसमें ठोस पदार्थ परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तथा द्रव परिक्षेपण माध्यम के रूप में होता है, कैसे वर्गीकृत करते हैं? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

उस कोलॉइडी तंत्र को जिसमें ठोस पदार्थ परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तथा द्रव परिक्षेपण माध्यम के रूप में होता है, कैसे वर्गीकृत करते हैं?

Options

  • ठोस सॉल

  • जेल

  • इमल्शन (पायस)

  • सॉल

MCQ
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Solution

सॉल

स्पष्टीकरण -

एक कोलाइडल प्रणाली में एक फैला हुआ चरण के रूप में एक ठोस पदार्थ होता है और एक फैलाव माध्यम के रूप में एक तरल को सॉल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह कोलाइडल समाधान का प्रकार है।

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कोलॉइडी
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Chapter 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [Page 68]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q I. 19. | Page 68

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निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

वैद्युत कण संचलन


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

स्कदंन


निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
  2. कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
  3. पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
  4. ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।

जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?

(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।


कोलोडियन क्या होता है?


कॉट्रेल अवक्षेपक में कोलॉइडी धुएँ का अवक्षेपण कैसे होता है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) रक्षी कोलॉइड (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\]

(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड

(b) द्रवरागी कोलॉइड
(iii) धन आवेशित कोलाँइड (c) पायस
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड (d) FeCl3 + गरम जल

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) अपोहन (a) साबुन की मार्जन क्रिया
(ii) पेप्टन (b) स्कंदन
(iii) पायसीकरण (c) कोलॉइडी सॉल बनना
(iv) वैद्युत कण-संचलन (d) शुद्धिकरण

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