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Question
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
जान
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Solution
जान
जान पर खेलना - अपनी जान संकट में डालना।
वाक्य: मनीष ने अपनी जान पर खेलकर नदी में डूबते बालक की जान बचाई।
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क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)
अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-
- घोड़ा पानी पी रहा था।
- बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
- रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
- देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो:
‘‘ ’’
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
तार
शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्यालय के प्राचार्य से विद्यार्थी प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखो:
|
दिनांक: ______ विषय : ______ महोदय, ______________________________ ______________________________ ______________________________ आपका/आपकी आज्ञाकारी, |
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मोह-ममता उन्हें अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकती थी।
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
प्रचार
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
उसने प्राण की बाजी लगा दी।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
नागपुर से रायगढ़ की ओर गए।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
शाबाश! इसी तरह साफ-सुथरा आया करो।
निम्नलिखित कारकों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
| ने | ______ |
| को | ______ |
| से | ______ |
| को | ______ |
| से | ______ |
| का, की, के | ______ |
| में, पर | ______ |
| अरे! | ______ |
नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-
(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।
(ख) लोग संयमी भी होते हैं।
(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।
ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-
मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।
नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
- सीमाओं से खिलवाड़ करना
- समाज से दुरदुराया जाना
- सुदूर रूमानी संभावना
- सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।
- जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पहले मैंने बगीचा देखा फिर मैं एक टीले पर चढ़ गया और वहाँ से उतरकर सीधा इधर चला आया
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | अभि + इष्ट |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| निर्विघ्न | ______ + ______ |
वचन बदलिए।
उम्मीद = ______

