Advertisements
Advertisements
Question
नायोबियम का क्रिस्टलीकरण अन्तःकेन्द्रित घनीय संरचना में होता है। यदि इसका घनत्व 8.55 g cm-3 हो तो इसके परमाण्विक द्रव्यमान 93u का प्रयोग करके परमाणु त्रिज्या की गणना कीजिए।
Advertisements
Solution
अन्त: केन्द्रित घनीय संरचना (bcc) में Z = 2, घनत्व ρ = 8.55 g cm-3, परमाण्विक द्रव्यमान,
M = 92.9 g mol-1
सूत्र का प्रयोग करने पर, घनत्व, `rho = "ZM"/("N"_"A" xx "a"^3)`
या `"a"^3 = "ZM"/("N"_"A" xx rho)`
अत: `"a"^3 = (2 xx 92.9 " g mol"^-1)/(6.02 xx 10^23 " mol"^-1 xx 8.55 " g cm"^-3)`
= 36.1 × 10-24 cm3
∴ a = (36.1 × 10-24 cm3)1/3 = 3.3 × 10-8 cm
bcc एकक कोष्ठिका के लिए,
विकर्ण = 4 × नायोबियम परमाणु की त्रिज्या
`sqrt3`a = 4 × नायोबियम परमाणु की त्रिज्या
∴ नायोबियम परमाणु की त्रिज्या = `sqrt3/4`a
`= (sqrt3 xx 3.3 xx 10^-8)/4`cm
= 1.43 × 10-8 cm
RELATED QUESTIONS
ठोस A, अत्यधिक कठोर तथा ठोस एवं गलित अवस्थाओं में विद्युतरोधी है और अत्यन्त उच्च दाब पर पिघलता है। यह किस प्रकार का ठोस है?
किस प्रकार के ठोस विद्युत चालक, आघातवर्थ्य और तन्य होते हैं?
उपसहसंयोजन संख्या का क्या अर्थ है?
एक घनीय ठोस दो तत्वों P एवं Q से बना है। घन के कोनों पर Q परमाणु एवं अन्तःकेन्द्र पर P परमाणु स्थित हैं। इस यौगिक का सूत्र क्या है? P एवं Q की उपसहसंयोजन संख्या क्या है?
कॉपर fcc जालक के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है जिसके कोर की लम्बाई 3.61 x 10-8 cm है। यह दर्शाइए कि गणना किए गए घनत्व के मान तथा मापे गए घनत्व 8.92 g cm-3 में समानता है।
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।
आयनिक ठोसों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
निम्नलिखित में से कौन-से दोषों से घनत्व घटता है?
- अन्तराकाशी दोष
- रिक्तिका दोष
- फ्रेंकेल दोष
- शॉट्की दोष
