Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।
- टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
- अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
- SiC
- I2
- P4
- प्लास्टिक
- ग्रेफाइट
- पीतल
- Rb
- LiBr
- Si
Advertisements
Solution
| आयनिक | धात्विक | आण्विक | सहसंयोजक | अक्रिस्टलीय |
| अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4, LiBr | पीतल, Rb | टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10), I2, P4 | ग्रेफाइट, SiC, Si | प्लास्टिक |
RELATED QUESTIONS
उपस्थित अन्तराआण्विक बलों की प्रकृति के आधार पर निम्नलिखित ठोसों को विभिन्न संवर्गों में वर्गीकृत कीजिए-
पोटैशियम सल्फेट, टिन, बेंजीन, यूरिया, अमोनिया, जल, जिंक सल्फाइड, ग्रेफाइट, रूबिडियम, आर्गन, सिलिकन कार्बाइड।
ठोस A, अत्यधिक कठोर तथा ठोस एवं गलित अवस्थाओं में विद्युतरोधी है और अत्यन्त उच्च दाब पर पिघलता है। यह किस प्रकार का ठोस है?
आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।
उपसहसंयोजन संख्या का क्या अर्थ है?
समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।
कॉपर fcc जालक के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है जिसके कोर की लम्बाई 3.61 x 10-8 cm है। यह दर्शाइए कि गणना किए गए घनत्व के मान तथा मापे गए घनत्व 8.92 g cm-3 में समानता है।
फेरिक ऑक्साइड में ऑक्साइड आयन के षट्कोणीय निविड़ संकुलन में क्रिस्टलीकृत होता है जिसकी तीन अष्टफलकीय रिक्तियों में से दो पर फेरिक आयन उपस्थित होते हैं। फेरिक ऑक्साइड का सूत्र ज्ञात कीजिए।
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?
