English

द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?

Advertisements
Advertisements

Question

द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?

One Line Answer
Advertisements

Solution

द्रवों तथा गैसों में बहने का गुण होता है अर्थात अणु एक-दूसरे से स्वतंत्र गमन और उलटने-पलटने के लिए स्वतंत्र होते हैं अत: इन्हें तरल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

shaalaa.com
क्रिस्टलीय ठोसों का वर्गीकरण
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 11]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q III. 54. | Page 11

RELATED QUESTIONS

उपस्थित अन्तराआण्विक बलों की प्रकृति के आधार पर निम्नलिखित ठोसों को विभिन्न संवर्गों में वर्गीकृत कीजिए-

पोटैशियम सल्फेट, टिन, बेंजीन, यूरिया, अमोनिया, जल, जिंक सल्फाइड, ग्रेफाइट, रूबिडियम, आर्गन, सिलिकन कार्बाइड।


आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।


निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।

  1. टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
  2. अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
  3. SiC
  4. I2
  5. P4
  6. प्लास्टिक
  7. ग्रेफाइट
  8. पीतल
  9. Rb
  10. LiBr
  11. Si

उपसहसंयोजन संख्या का क्या अर्थ है?


समझाइए - धात्विक एवं आयनिक क्रिस्टलों में समानता एवं विभेद का आधार।


समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।


क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।


निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?


निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक ठोसों का अभिलक्षण नहीं है?


ग्रैफ़ाइट ______ की उपस्थिति के कारण विद्युत् का सुचालक है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×