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लेखक ने अर्धमृत्यु की हालत में कहाँ रहने की जिद की और क्यों?

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Question

लेखक ने अर्धमृत्यु की हालत में कहाँ रहने की जिद की और क्यों?

One Line Answer
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Solution

लेखक ने अर्धमृत्यु की हालत में बेडरूम में रहने के बजाए उस कमरे में रहने की जिद की जहाँ उसकी बहुत सारी किताबें हैं। उसे चलना, बोलना, पढ़ना मना था, इसलिए वह इन पुस्तकों को देखते रहना चाहता था। मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
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निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो

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  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
  4. संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


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एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैंप बनाए गए? उनका वर्णन कीजिए।


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उदाहरण : अनुकूल − प्रतिकूल

नियमित −

____________

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____________

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