English

पाठ में निम्नलिखित विशिष्ट भाषा प्रयोग आए हैं। सामान्य शब्दों में इनका आशय स्पष्ट कीजिए − घंटों खोए रहते, स्वाभाविक रुझान बनाए रखना, अच्छा-खासा काम किया, हिम्मत का काम था, सटीक जानकारी, काफ़ी - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

Question

पाठ में निम्नलिखित विशिष्ट भाषा प्रयोग आए हैं। सामान्य शब्दों में इनका आशय स्पष्ट कीजिए −

घंटों खोए रहते, स्वाभाविक रुझान बनाए रखना, अच्छा-खासा काम किया, हिम्मत का काम था, सटीक जानकारी, काफ़ी ऊँचे अंक हासिल किए, कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया था, मोटी तनख्वाह

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

  1. घंटो खोए रहना − वैज्ञानिक अपने प्रयोगों में घंटो खोए रहते हैं।
  2. स्वाभाविक रुझान बनाए रखना − लोग अपनी रुचि के अनुसार कार्यों में स्वाभाविक रूझान बनाए रखते हैं।
  3. अच्छा खासा काम किया − इस भवन पर अच्छा खासा काम किया गया है।
  4. हिम्मत का काम था − उसने बच्चे को बाढ़ में से बचा कर हिम्मत का काम किया।
  5. सटीक जानकारी − हमारी अध्यापिका को अपने विषय में सटीक जानकारी है।
  6. काफ़ी ऊँचे अंक हासिल किए − आजकल बच्चे बहुत ऊँचे अंक हासिल करते हैं।
  7. कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया − आज वह यह मुकाम कड़ी मेहनत के बाद खड़ा कर पाया है।
  8. मोटी तनख्वाह − यह अफसर मोटी तनख्वाह पाता है।
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: धीरंजन मालवे - वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकट रामन - भाषा अध्ययन [Page 45]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 4 धीरंजन मालवे - वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकट रामन
भाषा अध्ययन | Q 5 | Page 45

RELATED QUESTIONS

सोनजूही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?


लेखक को अपने डंडे से इतना मोह क्यों था?


‘मेरी रीढ़ में एक झुरझुरी-सी दौड़ गई’ लेखक के इस कथन के पीछे कौन-सी घटना जुड़ी है?


‘कल्लू कुम्हार की उनाकोटी’ पाठ के आधार पर गंगावतरण की कथा का उल्लेख कीजिए और बताइए कि ऐसे स्थलों की यात्रा करते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:

मनुष्य के जीवन में पोशाक का क्या महत्व है?


निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो

  1. कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
  4. संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


कभी-कभी पोशाकें मनुष्य के लिए बाधक सिद्ध होती हैं। ऐसी पोशाकों की तुलना किससे की है और क्यों ?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 
'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी क्यों रहने लगी थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 
गांधीजी से मिलने से पहले महादेव भाई कहाँ नौकरी करते थे?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए 
गांधीजी ने महादेव को अपना वारिस कब कहा था?


बचेंद्रीपाल ने जूस और चाय लेकर नीचे जाने का जोखिम क्यों लिया?


‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?


यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

रामन् को मिलनेवाले पुरस्कारों ने भारतीय-चेतना को जाग्रत किया। ऐसा क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

रामन् की खोज 'रामन् प्रभाव' क्या है? स्पष्ट कीजिए।


लेखक ने किसकी प्रयोगशाला को अनूठी कहा है और क्यों ?


अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए रामन् ने अपना योगदान किस तरह दिया? इससे छात्रों को क्या लाभ हुए?


धर्म के बारे में लेखक के विचारों को स्पष्ट करते हुए बताइए कि ये विचार कितने उपयुक्त हैं?


कुछ लोग ईश्वर को रिश्वत क्यों देते हैं? ऐसे लोगों को लेखक क्या सुझाव देता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×