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Question
भारत के मानचित्र में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और कलकत्ता कोलकाता की स्थिति दर्शाएँ।
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Solution

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पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने में उसके भाई का कितना योगदान था? इससे लेखक के चरित्र में किन-किन जीवन मूल्यों की झलक मिलती है?
‘स्मृति’ कहानी हमें बच्चों की दुनिया से सच्चा परिचय कराती है तथा बाल मनोविज्ञान का सफल चित्रण करती है। इससे आप कितना सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
लेखक ने तक्षशिला में हामिद की निकटता पाने का क्या उपाय अपनाया? इसका हामिद पर क्या प्रभाव पड़ा?
हामिद कौन था? उसे लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि − 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।'अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
उस स्त्री के लड़के की मृत्यु का कारण क्या था?
यदि आपने भगवाना की माँ जैसी किसी दुखिया को देखा है तो उसकी कहानी लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
साउथ कोल कैंप पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की महत्त्वपूर्ण चढ़ाई की तैयारी कैसे शुरु की?
पर्वतारोहण से संबंधित दस चीज़ों के नाम लिखिए।
अहमदाबाद में बापू के आश्रम के विषय में चित्रात्मक जानकारी एकत्र कीजिए।
हार्नीमैन कौन थे? उन्हें क्या सज़ा मिली?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
चलते-पुरज़े लोग धर्म के नाम पर क्या करते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
जब अतिथि चार दिन तक नहीं गया तो लेखक के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन आए?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
समुद्र को देखकर रामन् के मन में कौन-सी दो जिज्ञासाएँ उठीं?
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए −
सागर की लहरों का आकर्षण उसके विनाशकारी रुप को देखने के बाद ______ में परिवर्तित हो जाता है।
भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों की सूची उनके कार्यों/योगदानों के साथ बनाइए।
लेखक ने किसकी प्रयोगशाला को अनूठी कहा है और क्यों ?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
