Advertisements
Advertisements
Question
लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
Advertisements
Solution
एक बार गर्मियों में लेखक तक्षशिला के खंडहर देखने गया था। गर्मी के कारण लेखक का भूख प्यास से बुरा हाल था। खाने की तलाश में वह रेलवे स्टेशन से आगे बसे गाँव की ओर चला गया। वहाँ तंग और गंदी गलियों से भरा बाज़ार था, वहाँ पर खाने पीने का कोई होटल या दुकान नहीं दिखाई दे रही थी और लेखक भूख प्यास से परेशान था। तभी एक दुकान पर रोटियाँ सेंकी जा रही थीं जिसकी खुशबू से लेखक की भूख और बढ़ गई। वह दुकान में चला गया और खाने के लिए माँगा। वहीं हामिद खाँ से परिचय हुआ। हामिद खाँ से बातचीत के समय एक दूसरे की भावना का पता चला और प्रेम से वशीभूत होकर एक दूसरे के अच्छे मित्र बन गए।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
भोजन के संबंध में लेखिका को अन्य पालतू जानवरों और गिल्लू में क्या अंतर नज़र आया?
त्रिपुरा में उनाकोटी की प्रसिद्धि का कारण क्या है?
लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
लेखक ने अपने पिता से किया हुआ वायदा किस तरह निभाया? इससे आपको क्या सीख मिलती है?
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं को ध्यान से पढ़िए और इस प्रकार के कुछ और वाक्य बनाइए :
(क)
- लड़के सुबह उठते ही भूख से बिलबिलाने लगे।
- उसके लिए तो बजाज की दुकान से कपड़ा लाना ही होगा।
- चाहे उसके लिए माँ के हाथों के छन्नी-ककना ही क्यों न बिक जाएँ।
(ख)
-
अरे जैसी नीयत होती है, अल्ला भी वैसी ही बरकत देता है।
-
भगवाना जो एक दफे चुप हुआ तो फिर न बोला।
यदि आपने भगवाना की माँ जैसी किसी दुखिया को देखा है तो उसकी कहानी लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई अपना परिचय किस रूप में देते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
गांधीजी से मिलने से पहले महादेव भाई कहाँ नौकरी करते थे?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
उन पत्रों को देख-देखकर दिल्ली और शिमला में बैठे वाइसराय लंबी साँस-उसाँस लेते रहते थे।
महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
मणिभवन पर लोग क्यों आया करते थे?
लेखक ने महादेव के स्वभाव की तुलना किससे की है और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
धर्म के व्यापार को रोकने के लिए क्या उद्योग होने चाहिए?
लेखिका अंगदोरजी के साथ एवरेस्ट अभियान पर आगे क्यों चल पड़ी?
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?
लेखक के व्यवहार में आधुनिक सभ्यता की कमियाँ झलकने लगती हैं। इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीज़ें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।
रामन् को ‘रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना की प्रेरणा कहाँ से मिली? इसकी स्थापना का उद्देश्य क्या था?
