Advertisements
Advertisements
Question
क्या तुम कभी किसी के घर ‘बिन-बुलाए मेहमान' थे? कैसा लगा?
Advertisements
Solution
नहीं, मैं किसी के घर कभी भी ‘बिन-बुलाए मेहमान' नहीं था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
खेड़ी गाँव में बच्चे क्या-क्या सीखते थे?
क्या तुम हर रोज़ पक्षियों की आवाज़ें सुनते हो? कौन-कौन से?
तुम रोज़ ऐसी कौन-सी आवाज़ें सुनते हो, जो खेड़ी के लोग नहीं सुनते होंगे?
जात्र्या के गाँव के कई लोगों को अपने जंगल-ज़मीन छोड़ना मंजूर न था। ऐसा क्यों? न चाहते हुए भी उन्हें अपना गाँव छोड़ना ही पड़ा। सोचो क्यों?
अपने परिवार के बारे में सोचते हो तो तुम्हारे मन में कौन-कौन आता है?
क्या तुम कोई ऐसी जगह जानते हो, जहाँ स्कूल है ही नहीं?
खेड़ी गाँव और जात्र्या के सपनों के नए गाँव के चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। उनमें अंतर ढूँढ़ो।
जब तुम्हारे यहाँ कुछ दिन मेहमान रहने आते हैं, तब तुम्हारे परिवार वाले क्या-क्या करते हैं?
जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?
क्या उनकी भाषा और रहन-सहन यहाँ के लोगों से अलग है? कैसे?
