Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम कभी किसी के घर ‘बिन-बुलाए मेहमान' थे? कैसा लगा?
Advertisements
उत्तर
नहीं, मैं किसी के घर कभी भी ‘बिन-बुलाए मेहमान' नहीं था।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ये बच्चे किस तरह के काम करते हैं? क्यों करने पड़ते होंगे?
खेड़ी गाँव में बच्चे क्या-क्या सीखते थे?
जिन चीज़ों का ज्ञान जात्र्या को खेड़ी में हासिल हुआ, उनमें से कितना उन्हें मुंबई में काम आया होगा?
तुम रोज़ ऐसी कौन-सी आवाज़ें सुनते हो, जो खेड़ी के लोग नहीं सुनते होंगे?
अपने परिवार के बारे में सोचते हो तो तुम्हारे मन में कौन-कौन आता है?
‘सिंदूरी’ और ‘अपने सपनों के गाँव' में उसे क्या अंतर मिला?
जात्र्याभाई के बच्चे मुंबई में किस तरह के स्कूल में जाते होंगे?
क्या तुम किसी बच्चे या परिवार को जानते हो, जो अपनी जगह से हटाए गए हों? उनसे बात करो।
क्या उनकी भाषा और रहन-सहन यहाँ के लोगों से अलग है? कैसे?
नौकरी में तबादला होने पर भी अपने रहने की जगह से दूर जाना पड़ता है। तब कैसा लगता है?
