हिंदी

‘सिंदूरी’ और ‘अपने सपनों के गाँव' में उसे क्या अंतर मिला?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘सिंदूरी’ और ‘अपने सपनों के गाँव' में उसे क्या अंतर मिला?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

सिंदूरी में प्रत्येक वस्तु पैसों से मिलती थी। सिंदूरी में यदि कोई बीमार पड़ जाता तो डॉक्टरों से अस्पताल में दिखाना पड़ता था, अस्पताल में दवा भी नहीं मिलती थी, जबकि जात्र्या के गाँव में बीमार पड़ने पर जड़ी बूटी से इलाज हो जाया करता था।

shaalaa.com
जाएँ तो जाएँ कहाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 18: जाएँ तो जाएँ कहाँ - लिखो [पृष्ठ १७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 18 जाएँ तो जाएँ कहाँ
लिखो | Q 2 | पृष्ठ १७१

संबंधित प्रश्न

जात्र्या जैसे परिवार बड़े शहरों में क्यों आते होंगे?


क्या तुमने ऐसे बच्चों को देखा है जो पढ़ने के साथ काम पर भी जाते हैं?


जिन चीज़ों का ज्ञान जात्र्या को खेड़ी में हासिल हुआ, उनमें से कितना उन्हें मुंबई में काम आया होगा?


जात्र्या के गाँव के कई लोगों को अपने जंगल-ज़मीन छोड़ना मंजूर न था। ऐसा क्यों? न चाहते हुए भी उन्हें अपना गाँव छोड़ना ही पड़ा। सोचो क्यों?


क्या सिंदूरी गाँव जात्र्या के सपनों के गाँव जैसा था? 


जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?


क्या तुम किसी बच्चे या परिवार को जानते हो, जो अपनी जगह से हटाए गए हों? उनसे बात करो।


उनकी पहली जगह कैसी थी? उसकी तुलना में नई जगह कैसी है?


उनकी भाषा के कुछ शब्द सीखकर लिखो।


जात्र्या के परिवार जैसे लाखों परिवार अलग-अलग कारणों से बड़े शहरों में रहने के लिए जाते हैं। मगर इन बड़े शहरों में उनकी ज़िंदगी क्या पहले से अच्छी होती है? बड़े शहरों में उन्हें किस तरह के अनुभव होते होंगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×