Advertisements
Advertisements
Question
जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?
Advertisements
Solution
जात्र्याभाई ने सोचा कि यदि 'बिन बुलाए मेहमान’ ही कहलाना है तो ऐसी जगह जाएँ जहाँ सपने पूरे हो सकें। नहीं, मुंबई में भी हालात ठीक नहीं थे।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
जात्र्या भीड़ में रहकर भी अकेला महसूस कर रहा था। क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसा हुआ है?
अपनी जगह छोड़कर दूर नई जगह जाकर रहना कैसा लगता होगा?
जात्र्या के खेड़ी के परिवार में कितने लोग थे? जात्र्या जब अपने परिवार के बारे में सोचता तो उसके मन में कौन-कौन आता?
क्या तुमने ऐसे लोगों के बारे में सुना है, जो अपनी पुरानी जगह से हटना पसंद नहीं करते? उनकी कुछ बातें बताओ।
खेड़ी गाँव और जात्र्या के सपनों के नए गाँव के चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। उनमें अंतर ढूँढ़ो।
जात्र्याभाई के बच्चे मुंबई में किस तरह के स्कूल में जाते होंगे?
उनकी पहली जगह कैसी थी? उसकी तुलना में नई जगह कैसी है?
उनकी भाषा के कुछ शब्द सीखकर लिखो।
नौकरी में तबादला होने पर भी अपने रहने की जगह से दूर जाना पड़ता है। तब कैसा लगता है?
जात्र्या के परिवार जैसे लाखों परिवार अलग-अलग कारणों से बड़े शहरों में रहने के लिए जाते हैं। मगर इन बड़े शहरों में उनकी ज़िंदगी क्या पहले से अच्छी होती है? बड़े शहरों में उन्हें किस तरह के अनुभव होते होंगे?
