English

कुछ लोग ऐसा सोचते हैं - "शहरी लोग गंदगी नहीं फैलाते। शहर का गंद तो झुग्गी-झोंपड़ियों से है।" तुम्हें क्या लगता है - आपस में बात करो, बहस करो।

Advertisements
Advertisements

Question

कुछ लोग ऐसा सोचते हैं - "शहरी लोग गंदगी नहीं फैलाते। शहर का गंद तो झुग्गी-झोंपड़ियों से है।" तुम्हें क्या लगता है - आपस में बात करो, बहस करो।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

ऐसा सोचना बिल्कुल ही गैलत है कि शहरी लोग गंदगी नहीं फैलाते और शहर की गंदगी झुग्गी-झोपड़ियों से है। दरअसल शहर के लोग अपने घरों को साफ रखने के लिए घर का सारा कूड़ा-कचड़ा रोड पर फेंक देते हैं। जिसके कारण भी बहुत ज्यादा गंदगी फैलती है। सरकार द्वारा शहर में रह रहे लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए नये-नये रोड, नई फैक्ट्रियाँ, आदि बनाने के कारण उन जगहों पर रह रहे लोग विस्थापित हो जाते हैं तथा शहरों में आकर बस जाते हैं, वे गरीब होने के कारण अच्छे मकान तथा अन्य चीजें नहीं खरीद या बनवा पाते हैं एवं एक स्लम (झुग्गी झोपड़ी वाली बस्ती) बन जाता है।

shaalaa.com
जाएँ तो जाएँ कहाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 18: जाएँ तो जाएँ कहाँ - वाद-विवाद करो [Page 173]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
Chapter 18 जाएँ तो जाएँ कहाँ
वाद-विवाद करो | Q 1 | Page 173

RELATED QUESTIONS

ये बच्चे किस तरह के काम करते हैं? क्यों करने पड़ते होंगे?


खेड़ी गाँव में बच्चे क्या-क्या सीखते थे?


तुम रोज़ ऐसी कौन-सी आवाज़ें सुनते हो, जो खेड़ी के लोग नहीं सुनते होंगे?


जात्र्या के गाँव के कई लोगों को अपने जंगल-ज़मीन छोड़ना मंजूर न था। ऐसा क्यों? न चाहते हुए भी उन्हें अपना गाँव छोड़ना ही पड़ा। सोचो क्यों?


जात्र्या के खेड़ी के परिवार में कितने लोग थे? जात्र्या जब अपने परिवार के बारे में सोचता तो उसके मन में कौन-कौन आता?


जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?


क्या तुम किसी बच्चे या परिवार को जानते हो, जो अपनी जगह से हटाए गए हों? उनसे बात करो।


उनकी पहली जगह कैसी थी? उसकी तुलना में नई जगह कैसी है?


क्या उनकी भाषा और रहन-सहन यहाँ के लोगों से अलग है? कैसे?


तुमने शहर की किसी बस्ती को हटाने के बारे में सुना या पढ़ा है? तुम्हें इसके बारे में कैसा लगता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×