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जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?

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प्रश्न

जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

जात्र्याभाई ने सोचा कि यदि 'बिन बुलाए मेहमान’ ही कहलाना है तो ऐसी जगह जाएँ जहाँ सपने पूरे हो सकें। नहीं, मुंबई में भी हालात ठीक नहीं थे।

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जाएँ तो जाएँ कहाँ
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पाठ 18: जाएँ तो जाएँ कहाँ - सोचो [पृष्ठ १७२]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
पाठ 18 जाएँ तो जाएँ कहाँ
सोचो | Q 1 | पृष्ठ १७२

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