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प्रश्न
जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?
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उत्तर
जात्र्याभाई ने सोचा कि यदि 'बिन बुलाए मेहमान’ ही कहलाना है तो ऐसी जगह जाएँ जहाँ सपने पूरे हो सकें। नहीं, मुंबई में भी हालात ठीक नहीं थे।
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