मराठी

जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

जात्र्याभाई ने सोचा कि यदि 'बिन बुलाए मेहमान’ ही कहलाना है तो ऐसी जगह जाएँ जहाँ सपने पूरे हो सकें। नहीं, मुंबई में भी हालात ठीक नहीं थे।

shaalaa.com
जाएँ तो जाएँ कहाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 18: जाएँ तो जाएँ कहाँ - सोचो [पृष्ठ १७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
पाठ 18 जाएँ तो जाएँ कहाँ
सोचो | Q 1 | पृष्ठ १७२

संबंधित प्रश्‍न

क्या तुम किसी पक्षी की आवाज़ की नकल कर सकते हो? करके दिखाओ।


क्या तुमने सन्नाटा महसूस किया है? कब और कहाँ?


अपने परिवार के बारे में सोचते हो तो तुम्हारे मन में कौन-कौन आता है?


खेड़ी गाँव और जात्र्या के सपनों के नए गाँव के चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। उनमें अंतर ढूँढ़ो।


क्या सिंदूरी गाँव जात्र्या के सपनों के गाँव जैसा था? 


क्या तुम कभी किसी के घर ‘बिन-बुलाए मेहमान' थे? कैसा लगा?


जात्र्याभाई के बच्चे मुंबई में किस तरह के स्कूल में जाते होंगे?


उनकी भाषा के कुछ शब्द सीखकर लिखो।


क्या वे कुछ ऐसी चीज़ें बनाना जानते हैं, जो तुम नहीं जानते? क्या?


कुछ लोग ऐसा सोचते हैं - "शहरी लोग गंदगी नहीं फैलाते। शहर का गंद तो झुग्गी-झोंपड़ियों से है।" तुम्हें क्या लगता है - आपस में बात करो, बहस करो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×