English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

कवि यहाँ और यह बनकर रहना चाहता है -

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Question

कवि यहाँ और यह बनकर रहना चाहता है -

Short Answer
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Solution

  • कवि गोकुल गाँव का ग्वाला बनकर रहना चाहता है।
  • कवि नंद की गायों के बीच पशु बनकर रहना चाहता है।
  • कवि गोवर्धन पर्वत पर पत्थर बनकर रहना चाहता है।
  • कवि यमुना के किनारे कदंब की डाली पर पक्षी बनकर रहना चाहता है।
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अति सोहत स्‍याम जू
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Chapter 2.6: अति सोहत स्‍याम जू - स्वाध्याय [Page 50]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Composite Lokvani [English] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 2.6 अति सोहत स्‍याम जू
स्वाध्याय | Q (३) | Page 50

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित पठित पदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

धूरि भरे अति सोहत स्याम जू, तैसी बनी सिर सुंदर चोटी।
खेलत खात फिर अँगना, पग पैंजनि बाजति, पीरी कछोटी।।
वा छबि को 'रसखान' बिलोकत, वारत काम कला निधि कोटी।
'काग के भाग कहा कहिए, हरि हाथ सों लै गयो माखन रोटी।।

सोहत है चँँदवा सिर मोर को, तैसिय सुंदर पाग कसी है।
वैसिय गोरज भाल बिराजत, जैसी हिये बनमाल लसी है।।
'रसखान' बिलोकत बौरी भई, दृग मूँदि के ग्वालि पुकार हँसी है।
खोलि री घूँघट, खोलौं कहा, वह नैननि माँश बसी है।।

(1) आकृति में लिखिए: (1)

(i)

(ii) कृष्ण ने पहने हैं - (1)

  1. पग में - ______
  2. सुंदर कसी हुई - ______

(2) पद्यांश की प्रथम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

सेस, गनेस, महेस, दिनेस, सुरेसहु, जाहिं निरतर गावैं।
जाहिं अनादि, अनंत, अखंड, अछेद, अभेद, सुबेद बतावैं।।
नारद से सुक व्यास रटें, पचिहारे तऊ मुनि पार न पावैं।।
ताहिं अहीर की छोहरियाँ, छछ्ठिया भरि छाछ पै नाच नचावैं।।

(1) कृति पूर्ण कीजिए-   (2)

(2) अंतिम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)


संजाल पूर्ण कीजिए:


कृति पूर्ण कीजिए:




निम्‍न शब्‍द के भिन्न-भिन्न अर्थ लिखिए:


निम्‍न शब्‍द के भिन्न-भिन्न अर्थ लिखिए:


पद्य में इस अर्थ में आए शब्‍द:

शोभा देता है =


पद्य में इस अर्थ में आए शब्‍द:

ग्‍वाल - बालाएँ =


पद्य में इस अर्थ में आए शब्‍द:

गोरस देने वाली = 


पद्य में इस अर्थ में आए शब्‍द:

शुक मुनि =


किसी एक पद का सरल अर्थ लिखिए।


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