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Question
किसी एक पद का सरल अर्थ लिखिए।
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Solution
पद:
सेस, गनेस .............
................. नाच नचावें।।
अर्थ:
कवि रसखान के अनुसार श्रीकृष्ण प्रेम और भक्ति के रस के अत्यंत प्यासे हैं। शेषनाग, गणेश, शिव, सूर्य तथा इंद्र जैसे देवता सदैव जिनके दिव्य गुणों का गुणगान करते हैं; जिन्हें अनादि, अनंत, अखंड, अछेद्य, अभेद्य और सर्वज्ञ कहा जाता है, तथा ब्रह्मा, ऋषि नारद, शुकदेव और महाकवि व्यास जैसे महान तपस्वी जिनके नाम का निरंतर जप करते रहते हैं और अनेक प्रयास करने पर भी जिनका अंत नहीं पा सके, उन्हीं श्रीकृष्ण को अहीर कन्याएँ (ग्वालिनें) केवल एक कटोरा छाछ के लिए नचाती हैं।
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निम्नलिखित पठित पदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
धूरि भरे अति सोहत स्याम जू, तैसी बनी सिर सुंदर चोटी। सोहत है चँँदवा सिर मोर को, तैसिय सुंदर पाग कसी है। |
(1) आकृति में लिखिए: (1)
(i)

(ii) कृष्ण ने पहने हैं - (1)
- पग में - ______
- सुंदर कसी हुई - ______
(2) पद्यांश की प्रथम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| सेस, गनेस, महेस, दिनेस, सुरेसहु, जाहिं निरतर गावैं। जाहिं अनादि, अनंत, अखंड, अछेद, अभेद, सुबेद बतावैं।। नारद से सुक व्यास रटें, पचिहारे तऊ मुनि पार न पावैं।। ताहिं अहीर की छोहरियाँ, छछ्ठिया भरि छाछ पै नाच नचावैं।। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए- (2)

(2) अंतिम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संजाल पूर्ण कीजिए:

कृति पूर्ण कीजिए:

कवि यहाँ और यह बनकर रहना चाहता है -


निम्न शब्द के भिन्न-भिन्न अर्थ लिखिए:

निम्न शब्द के भिन्न-भिन्न अर्थ लिखिए:

पद्य में इस अर्थ में आए शब्द:
शोभा देता है =
पद्य में इस अर्थ में आए शब्द:
ग्वाल - बालाएँ =
पद्य में इस अर्थ में आए शब्द:
गोरस देने वाली =
पद्य में इस अर्थ में आए शब्द:
शुक मुनि =
