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Question
कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?
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Solution 1
कार्बन और इसके यौगिक जलने पर उच्च प्रतिशत में कार्बन और हाइड्रोजन के कारण बड़ी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते हैं। ईंधन के रूप में प्रयुक्त कार्बन यौगिकों में उत्तम प्रज्वलन तापमान होता है और उनके उच्च कैलोरी मूल्य होते हैं तथा इन्हें संभालना आसान होता है। उनके दहन को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए, कार्बन और इसके यौगिकों का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
Solution 2
कार्बन एंव उसके यौगिक दहन के फलस्वरूप अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते है। इनका दहन नियंत्रित करना सरल है तथा ज्वलन ताप भी सामान्य है अत: इनके यौगिक को ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।
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CH3 — CH2 — O — CH2— CH2 Cl में उपस्थित विषम परमाणु है ______
- ऑक्सीजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- क्लोरीन
निम्नलिखित यौगिक के नाम लिखिए -
\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{}\\
\phantom{}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{}\\
\ce{H - C - C - C - C - C - C - C = O}\\
\phantom{}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{.....}\\
\phantom{.}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{......}
\end{array}\]
साबुन की तुलना में डिटरजेंट उत्तम प्रक्षालक क्यों है? समझाइएं।
दी गई रासायनिक अभिक्रियाओं में तीर के ऊपर लिखी धातु अथवा अभिकर्मक की क्या भूमिका है?
- \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3}\phantom{.....}\ce{CH3}\phantom{.........}\ce{CH3}\phantom{..}\ce{CH3}\phantom{..........}\\
\phantom{...}\backslash\phantom{......}/\phantom{................}|\phantom{.....}|\phantom{............}\\
\ce{C} = \ce{C} + \ce{H2} \overset{\ce{Ni}}{\rightarrow} \ce{CH3 - C - C - CH3}\\
\phantom{.}/\phantom{........}\backslash\phantom{..............}|\phantom{....}|\phantom{.........}\\
\ce{CH3}\phantom{....}\ce{CH3}\phantom{............}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{........}
\end{array}\] - \[\ce{CH3COOH + CH3CH2OH \overset{\ce{सान्द्र H2SO4}}{\rightarrow}CH3COOC2H5 + H2O}\]
- \[\ce{CH3CH2OH}\ce{->[\text{क्षारीय} KMnO4][Heat]CH3COOH}\]
एक यौगिक C (अणुसूत्र C2H4O2) सोडियम धातु से क्रिया कर एक यौगिक R बनाता है तथा एक गैस मुक्त होती है जो पॉप ध्वनि के साथ जलती है। यौगिक C, अम्ल की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल A से अभिक्रिया पर एक मीठी गंध युक्त यौगिक S (अणुसूत्र से C3H6O2) बनता है। C में NaOH मिलाने पर यह R तथा जल देता है S, NaOH विलयन से अभिक्रिया पर पुन : R तथा A देता है।
C, R, A, S को पहचानिए तथा प्रयुक्त रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखिए।
चित्र को देखिए तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- परखनली B में लिए गए कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आप क्या परिवर्तन देखते हैं?
- परखनली A तथा B में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ दीजिए।
- यदि एथेनोइक अम्ल के स्थान पर एथेनॉल लिया जाए तो आप किस प्रकार के परिवर्तन की अपेक्षा करते हैं?
- प्रयोगशाला में चूने का पानी किस प्रकार बनाया जा सकता है?

आप निम्नलिखित परिवर्तन किस प्रकार करेंगे? प्रक्रिया का नाम दीजिए तथा प्रयुक्त रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
- एथेनॉल का एथीन में परिवर्तन
- प्रोपेनॉल का प्रोपेनोइक अम्ल में परिवर्तन
C3H6O अणुसूत्र युक्त यौगिक के कोई दो समावयवी लिखिए तथा उनके इलेक्ट्रॉन बिन्दु सूत्र भी दीजिए।
निम्नलिखित दी गई अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित समझाइये।
- हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया
- ऑक्सीकरण अभिक्रिया
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
- साबुनीकरण अभिक्रिया
- दहन अभिक्रिया
एक कार्बनिक यौगिक A, सांद्र H2SO4 के साथ गरम करने पर एक यौगिक B बनाता है जो Ni की उपस्थिति में एक मोल हाइड्रोजन के योग से यौगिक C बनाता है। यौगिक C में के एक मोल के दहन पर दो मोल CO2 तथा तीन मोल H2O बनता है। यौगिक A, B तथा C को पहचानिए तथा प्रयुक्त अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
