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‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्‍ति द्वारा आपने जाना .....

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Question

‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्‍ति द्वारा आपने जाना .....

Answer in Brief
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Solution

कवि ने इन पंक्तियों के जरिए यह दर्शाया है कि जीवन में मिली हार से व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विजय की पहली कड़ी हार ही होती है। हार से बहुत कुछ सिखने को मिलता है, अगर कोई प्रयास करता है। जिसमें कोई त्रुटि होती है, वही हार होती है। जो प्रयास नहीं करता, उसे जीत और हार के बीच का अंतर पता नहीं चलता। जब भी हमें हार का सामना करना पड़ता है, हमें और अधिक तन्मयता से अपनी मंजिल की ओर बढ़ना चाहिए। इसलिए, हार जीवन की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। हार व्यक्ति को यह एहसास दिलाती है कि उसे सही दिशा में और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। हार व्यक्ति को साहसी और निडर बनाती है। हमें हर हार के लिए आभारी होना चाहिए, क्योंकि हार हमें प्रेरणा देती है और अधिक प्रयास करने की उम्मीद जगाती है। हार एक गुरु की भांति व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है।

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जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
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Chapter 1.8: जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...! - स्वाध्याय [Page 26]

APPEARS IN

Balbharati Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.8 जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
स्वाध्याय | Q (१) | Page 26

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सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:-

कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -


लय-संगीत निर्माण करने वाली दो शब्‍द जोड़ियाँ लिखिए।


‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


यू ट्यूब से मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘नर हो न निराश करो मन काे’ सुनिए और उसका आशय अपने शब्‍दों में लिखिए ।


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

फूलों के रास्ते


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

जीत का आनंद मिलेगा


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

बहार


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

गुरु


संजाल पूर्ण कीजिएः


उचित जोड़ मिलाइए:

 
i) इन्हें अपनाना नही तकदीर का प्रहार
ii) इन्हें पार करना वृक्षों की छाया
iii) इन्हें सहना तपती धूप
iv) इससे परे रहना पर्वत
    फूलों के रास्ते

आकृति पूर्ण कीजिए:


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

वृक्षों का छाया से रहे परे।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

पतझड़ के बाद मजा देता है बहार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

फूल के रास्‍ते को मत अपनाओ।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

जिसने जीवन का दिया सँवार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

बरसाओं मेहनत का बूँदों का फुहार।


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