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आकृति पूर्ण कीजिए: कवि ये करने के लिए कहते है

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Question

आकृति पूर्ण कीजिए:

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Solution

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जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
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Chapter 1.8: जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...! - स्वाध्याय [Page 26]

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Balbharati Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.8 जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
स्वाध्याय | Q (६) | Page 26

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किसी सफल साहित्‍यकार का साक्षात्‍कार लेने हेतु चर्चा करते हुए प्रश्नावली तैयार कीजिए :


सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:

कवि ने इसे पार करने के लिए कहा है -


सही विकल्‍प चुनकर वाक्‍य फिर से लिखिए:-

कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -


लय-संगीत निर्माण करने वाली दो शब्‍द जोड़ियाँ लिखिए।


‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


यू ट्यूब से मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘नर हो न निराश करो मन काे’ सुनिए और उसका आशय अपने शब्‍दों में लिखिए ।


‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्‍ति द्वारा आपने जाना .....


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

फूलों के रास्ते


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

बहार


ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

गुरु


संजाल पूर्ण कीजिएः


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

पतझड़ के बाद मजा देता है बहार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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