Advertisements
Advertisements
Question
यू ट्यूब से मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘नर हो न निराश करो मन काे’ सुनिए और उसका आशय अपने शब्दों में लिखिए ।
Advertisements
Solution
मैथिलीशरण गुप्त की कविता "नर हो न निराश करो मन को" उनके उदार और प्रेरणादायक भावनाओं को सुगमता से व्यक्त करती है। यह कविता उस समय के भारतीय समाज की स्थिति और राष्ट्रीय चिंताओं को अभिव्यक्त करती है, और लोगों को सामूहिक सकारात्मकता और समर्थन में आमंत्रित करती है। उनकी कला और राष्ट्र प्रेम के कारण उन्हें राष्ट्र कवि का दर्जा प्राप्त है। मैथिलीशरण गुप्त की कविताओं ने स्वतंत्रा में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनका देश के प्रति इसी अपार प्रेम के कारण उनके जन्म दिवस को राष्ट्र कवि दिवस के रूप मनाया जाता है। इस कविता में गुप्त ने एक नारी के माध्यम से राष्ट्र की भूमि को मातृभूमि के रूप में पुकारा है और उसे सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। "नर हो न निराश करो मन को" कविता में एक सकारात्मक दृष्टिकोण है, जो आत्मविश्वास और साहस को प्रोत्साहित करता है। इस कविता में गुप्त ने भारतीय समाज के अंधविश्वास, न्याय की अभावना, और सामाजिक समस्याओं के खिलाफ उत्तेजना किया है। गुप्त ने यहां एक सजीव, सकारात्मक, और उत्साही दृष्टिकोण के माध्यम से लोगों को उनकी समस्याओं का सामना करने के लिए प्रेरित किया है। वे आगे बढ़ने के लिए एक सकारात्मक मार्ग दिखाते हैं और लोगों से उनके मन को हिम्मत देने के लिए कहते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
किसी सफल साहित्यकार का साक्षात्कार लेने हेतु चर्चा करते हुए प्रश्नावली तैयार कीजिए :
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:-
कवि ने इसे अपनाने के लिए कहा है -
लय-संगीत निर्माण करने वाली दो शब्द जोड़ियाँ लिखिए।
‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
‘हर बार कुछ सिखाकर ही गई, सबसे बड़ी गुरु है हार’ इस पंक्ति द्वारा आपने जाना .....
ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
फूलों के रास्ते
ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
जीत का आनंद मिलेगा
ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
बहार
ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
गुरु
संजाल पूर्ण कीजिएः

आकृति पूर्ण कीजिए:

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
वृक्षों का छाया से रहे परे।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
पतझड़ के बाद मजा देता है बहार।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
फूल के रास्ते को मत अपनाओ।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
किनारों से पहले मिला मझधार।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
जिसने जीवन का दिया सँवार।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
बरसाओं मेहनत का बूँदों का फुहार।
