English

‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ पाठ के रचयिता हैं

Advertisements
Advertisements

Question

हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ पाठ के रचयिता हैं

Options

  • भवानी प्रसाद मिश्र

  • सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

  • शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

  • महादेवी वर्मा

MCQ
Advertisements

Solution

शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 1 हम पंछी उन्मुक्त गगन के
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 1

RELATED QUESTIONS

दादी माँ का व्यक्तित्व कैसा था?


आप नदियों को किस रूप में देखते हैं? उनकी सफ़ाई के लिए क्या प्रयास करते हैं या कर सकते हैं?


धनराज ने कृत्रिम घास पर सबसे पहले हॉकी कब खेली?


महाभारत के युद्ध को जीतने के लिए कौरवों और पांडवों ने अनेक प्रयास किए। तुम्हें दोनों के प्रयासों में जो उपयुक्त लगे हों, उनके कुछ उदाहरण दो।


अगर तुम्हें रोबोट से कुछ काम करवाना हो तो क्या करोगे?


स्कूल में तुम्हें क्या-क्या करने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?


तुम भी सड़क सुरक्षा, प्रदूषण और शिक्षा के बारे में विज्ञापन बनाकर अपने मित्र को दिखाओ तथा पूछो कि उसे तुम्हारा विज्ञापन पसंद आया या नहीं। कारण भी पूछो।


पाठ के आधार पर गारो जनजाति के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो।


पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?


आगे 'किताबें' नामक कविता दी गई है। उसे पढ़ो और उस पर आपस में बातचीत करो।


सुधा के स्वप्नों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?


पाठ को पढ़ते हुए आपका ध्यान कई तरह के विराम चिह्नों की ओर गया होगा। अगले पृष्ठ पर दिए गए अंश से विराम चिह्नों को हटा दिया गया है। ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उपयुक्त चिह्न लगाइए-
मुझ पर भी एक रात आसमान से गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी अरे बाप रे वो बिजली थी या आफ़त याद आते ही अब भी दिल धक-धक करने लगता है और बिजली जहाँ गिरी थी वहा खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज अब जब कभी बारिश होती है तो मुझे उस रात की याद हो आती है, अंग थरथर काँपने लगते हैं।


खंभा को बरसात की रात क्यों पसंद नहीं है?


रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण क्यों हो आया?


बहुविकल्पी प्रश्न

काँच के बड़े-बड़े ज़ार कहाँ रखे थे?


बहुविकल्पी प्रश्न

धनराज का बचपन कहाँ बीता?


निबंध में आपने ये पंक्तियाँ पढ़ी हैं-मैं अपने शाल में लपेटकर उसे संगम ले गई। जब गंगा के बीच धार में उसे प्रवाहित किया गया तब उसके पंखों की चंद्रिकाओं से बिंबित प्रतिबिंबित होकर गंगा को चौड़ा पाट एक विशाल मयूर के समान तरंगित हो उठा।’ -इन पंक्तियों में एक भावचित्र है। इसके आधार पर कल्पना कीजिए और लिखिए मोर पंख की चंद्रिका और गंगा की लहरों में क्या-क्या समानताएँ लेखिका ने देखी होगी जिसके कारण गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर पंख के समान तरंगित हो उठा।


बहुविकल्पी प्रश्न

अन्य जानवर जब व्यस्त होते थे तो नीलकंठ क्या करता था?


रिक्त स्थान भरो -

नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर

रूई जैसा _______


सही चिन्ह लगाओ।

" " , ?

सुधा ने पूछा क्या मैं नाच सकूँगी डॉ. सेठी ने कहा क्यों नहीं प्रयास करो तो सब कुछ संभव है


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×