Advertisements
Advertisements
Question
कंचे कैसे थे?
Advertisements
Solution
कंचे का आकार बड़े आँवले जैसा था और वे गोल और सफ़ेद थे। उनमें हरी लकीरें थीं। वह देखने में बहुत सुंदर लग रहे थे।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
“दादी माँ’ कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चुन्नू-मुन्नू ने कितने में खिलौने खरीदे थे?
आप मिठाईवाले को किस दृष्टिकोण से देखते हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
आश्रम में कितने रसोईघर बनाने का लेखा-जोखा था?
तुम्हारे कितने दोस्तों और संबंधियों का जन्मदिन मनाया जाता है और कितनों का नहीं मनाया जाता?
कहानी के इस वाक्य पर ध्यान दो-
“इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया” तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?
यह पाठ एक लोककथा पर आधारित है। अगर तुमने भी कभी कोई लोककथा सुनी है तो लोककथा और सामान्य कहानी के बारे में अपनी कक्षा में चर्चा करो।
दादी माँ के स्वभाव का कौन सा पक्ष आपको सबसे अच्छा लगता है और क्यों?
अनुमान लगाइए कि जिस समय बच्ची को चोर ने उठाया होगा वह किस स्थिति में होगी? क्या वह पार्क/ दान में खेल रही होगी या घर से रूठकर भाग गई होगी या कोई अन्य कारण होगा?
किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाकर ही दम लिया। इसके लिए उसने क्या-क्या प्रयास किया?
'मास्टर जी की आवाज' अब कम ऊँची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे।' 'मास्टर जी की आवाज़' धीमी क्यों हो गई होगी? लिखिए।
किसी एक खेल को खेले जाने की विधि को अपने शब्दों में लिखिए।
खानपान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?
हर शहर, कस्बे में कुछ ऐसी जगहें होती हैं जो अपने किसी खास व्यंजन के लिए जानी जाती हैं। आप अपने शहर, कस्बे का नक्शा बनाकर उसमें ऐसी सभी जगहों को दर्शाइए।
बहुविकल्पी प्रश्न
धनराज कहीं आने-जाने के लिए किस वाहन का प्रयोग करते थे?
अनुमान लगाइए, स्वाधीनता की योजना बनाने के लिए सोनपुर के मेले को क्यों चुना गया होगा?
बहुविकल्पी प्रश्न
अंग्रेज़ी सेना और स्वतंत्रता सेनानियों के मध्य कहाँ भीषण युद्ध हुआ?
नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती; उसे पूरा करके ही छोड़ता।
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
मौत के मुँह में जाना
