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Question
कंचे देखकर अप्पू का मन कक्षा में क्यों नहीं लग रहा था?
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Solution
अप्पू ने जब विद्यालय जाने के समय एक दुकानदार के पास जार में कंचे देख लिए तो उसका दिल और दिमाग कंचों में ही खो गया। वह उसे खरीदने की तरकीब खोजने लगा। उसका ध्यान कक्षा में नहीं था। वह तो कंचों की दुनिया में खोया रहता था। वह सोचता है कि जॉर्ज के आते ही वह कंचे खरीदने जाएगा और उसके साथ खेलेगा।
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वाक्य- मेरा भाई मोहन कक्षा सात में हिंदी पढ़ रहा है। |
| उद्देश्य | विधेय | |||||
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मुख्य उद्देश्य |
कर्ता का विशेषण |
क्रिया |
कर्म |
कर्म का विशेषण |
पूरक |
विधेय विस्तारक |
|
मोहन |
मेरा भाई |
पढ़ रहा है |
हिंदी |
– |
– |
सात कक्षा में |
नीचे लिखे वाक्य का विश्लेषण करो।
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