English

“अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।” उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची

Advertisements
Advertisements

Question

“अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।”

  • उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे, भोजपुरी में-एक ठो लइका, चार ठे आलू, तीन ते बटुली।
  • ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/ बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।
Short/Brief Note
Advertisements

Solution

  • उपर्युक्त वाक्यों में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान देने पर पता चलता है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है; जैसे-भोजपुरी में-दो ठो आम, चार ठो समोसा, एक ठो लड़का।
  • चार नग टोपी।
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: मिठाईवाला - भाषा की बात [Page 31]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 5 मिठाईवाला
भाषा की बात | Q 2 | Page 31

RELATED QUESTIONS

यह कविता हमें किस बात के लिए प्रेरित करती है?


लेखक के मित्र उनका मजाक क्यों उड़ाते थे?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो।

पहले खाना खा लो ______ पढ़ना।


स्कूल में तुम्हें क्या-क्या करने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?


पढ़ो और समझो

मित्रता + पूर्ण = मित्रतापूर्ण


गारो लोगों ने बहुत लंबी यात्रा की थी। यदि तुमने भी कोई लंबी यात्रा की हो तो अपनी यात्रा के बारे में लिखो।


पुराने समय से ही अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया। पाठ में से कोई तीन उदाहरण ढूँढ़कर लिखो।


'काबुलीवाला के साथ बातचीत करने से बाहर जाने का काम हो जाता है।' मिनी के पिता का ऐसा कहना बताता है कि वह काबुली से बात करके बाहर के देश-दुनिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेता था। आज उसके अलावा और किन किन साधनों से देश-विदेश के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है?

सूची बनाओ।


तुम्हारे विचार से गरीबी के क्या कारण हैं?


हिमालय की यात्रा में लेखक ने किन-किन की प्रशंसा की है?


निर्जीव वस्तुओं को मानव-संबंधी नाम देने से निर्जीव वस्तुएँ भी मानो जीवित हो उठती हैं। लेखक ने इस पाठ में कई स्थानों पर ऐसे प्रयोग किए हैं, जैसे

(क) परंतु इस बार जब मैं हिमालय के कंधे पर चढ़ा तो वे कुछ और रूप में सामने थीं।

(ख) काका कालेलकर ने नदियों को लोकमाता कहा है।

• पाठ से इसी तरह के और उदाहरण ढूँढ़िए।


पिछली कक्षा में आप विशेषण और उसके भेदों से परिचय प्राप्त कर चुके हैं। नीचे दिए गए विशेषण और विशेष्य (संज्ञा) का मिलान कीजिए-

विशेषण  विशेषण 
संभ्रांत वर्षा
चंचल जंगल
समतल महिला
घना नदियाँ
मूसलाधार आँगन

पाठ को पढ़ते हुए आपका ध्यान कई तरह के विराम चिह्नों की ओर गया होगा। अगले पृष्ठ पर दिए गए अंश से विराम चिह्नों को हटा दिया गया है। ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उपयुक्त चिह्न लगाइए-
मुझ पर भी एक रात आसमान से गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी अरे बाप रे वो बिजली थी या आफ़त याद आते ही अब भी दिल धक-धक करने लगता है और बिजली जहाँ गिरी थी वहा खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज अब जब कभी बारिश होती है तो मुझे उस रात की याद हो आती है, अंग थरथर काँपने लगते हैं।


मिठाईवाले में वे कौन से गुण थे जिनकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर खिंचे चले आते थे?


पाठ में खोजकर देखिए-कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?


मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ खोजकर पढ़िए। ‘ईदगाह’ कहानी में हामिद चिमटा खरीदता है और कंचा कहानी में अप्पू कंचे। इन दोनों बच्चों में से किसकी पसंद को आप महत्त्व देना चाहेंगे? हो सकता है, आपके कुछ साथी चिमटा खरीदनेवाले हामिद को पसंद करें और कुछ अप्पू को। अपनी कक्षा में इस विषय पर वाद-विवाद का आयोजन कीजिए।

 

नीचे कुछ शब्द लिखे हैं जिनमें अलग-अलग प्रत्ययों के कारण बारीक अंतर है। इस अंतर को समझाने के लिए इन शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-

प्रेरणा

प्रेरक

प्रेरित

संभव

संभावित

संभवत

उत्साह

उत्साहित

उत्साहवर्धक


नीलकंठ का सुखमय जीवन करुण कथा में कैसे बदल गया?


सांप्रदायिक सद्भाव में कुँवर सिंह की गहरी आस्था थी-पाठ के आधार पर कथन की पुष्टि कीजिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

इस पाठ में किस स्थान पर 1857 में भीषण विद्रोह नहीं हुआ था।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×