Advertisements
Advertisements
Question
गारो लोगों ने बहुत लंबी यात्रा की थी। यदि तुमने भी कोई लंबी यात्रा की हो तो अपनी यात्रा के बारे में लिखो।
Advertisements
Solution
एक बार में अपने पिताजी के साथ दिल्ली से गढ़वाल गया हुआ था। हमने पूरी रात बस में बैठकर सफ़र किया। सुबह रामनगर पहुँचकर हमने अपने गाँव तक की दूसरी बस ली। वहाँ से हमारी यात्रा बहुत दुर्गम थी। वातावरण जितना मनभावन और रमणीय था। सफ़र उतना ही कठिन था। बस धीमी गति से चल रही थी; तब भी हमें डर लग रहा था। दोपहर बारह बजे हमारी बस ने हमें एक पक्की सड़क के किनारे छोड़ दिया। वहाँ पहुँचकर तो ऐसा लगा मानो मैं स्वर्ग में पहुँच गया हूँ। ठंडी हवा चल रही थी। चारों तरफ हृदय को आनंदित करने वाला दृश्य विद्यमान था। मेरे मामा हमें लेने आए थे। हमारा घर पहाड़ की तराई पर था। हमें नीचे तक पैदल यात्रा करनी थी। सारा सामान उन्होंने अपने कंधो पर उठा लिया। हम जंगल के रास्ते से गुज़रे। वहाँ शांति छायी हुई थी। कहीं-कहीं पर पानी की आवाज़ या पक्षियों का स्वर सुनाई पड़ रहा था। उस असीम शांति में सुकून और भय का मिला जुला स्वरूप विद्यमान था। हमें यह लग रहा था कि कोई जंगली जानवर न आ जाए। दो घंटे की उतराई ने हमारा दम ही निकाल दिया। परन्तु गाँव पहुँचकर हमने बड़ी राहत की साँस ली।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नदियों की धाराओं में डुबकियाँ लगाना लेखक को कैसा लगता था?
रक्त के विभिन्न कण-शरीर में क्या-क्या भूमिका अदा करते हैं? विस्तारपूर्वक लिखिए।
क्या तुमने अपने आस-पास के जानवरों की दुर्दशा देखी है? उसके बारे में बताओ।
|
इतिहास- |
इतिहासकार |
|
शिल्प- |
______ |
|
गीत- |
______ |
|
संगीत- |
______ |
|
मूर्ति- |
______ |
|
रचना- |
______ |
इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।
राष्ट्रीयता की चिंगारी जल उठी थी।
दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति खराब क्यों हो गई थी?
नदियों और हिमालय पर अनेक कवियों ने कविताएँ लिखी हैं। उन कविताओं का चयन कर उनकी तुलना पाठ में निहित नदियों के वर्णन से कीजिए।
लैटरबक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे?
बहुविकल्पी प्रश्न
“आदमी’ लड़की को छोड़कर कहाँ चला गया?
इस कहानी को पढ़कर क्या आपको यह अनुभूति हुई कि दूसरों को प्यार और खुशी देने से अपने मन का दुख कम हो जाता है? समूह में बातचीत कीजिए।
माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास निःस्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था? स्पष्ट कीजिए।
माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ़ माधवदास की नज़र में चिड़िया की ज़िद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।
माधवदास ने जीवन के अकेलेपन को दूर करने का क्या तरकीब निकाला?
इस कहानी से आपको किस जीवन-मूल्य का बोध होता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
तोत्तो-चान यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का कौन-सा तरीका अपना रही थी?
कुब्जा और नीलकंठ के स्वभाव में अंतर स्पष्ट कीजिए।
नीलकंठ का सुखमय जीवन करुण कथा में कैसे बदल गया?
कुँवर सिंह को बचपन में किन कामों में मज़ा आता था? क्या उन्हें उन कामों से स्वतंत्रता सेनानी बनने में कुछ मदद मिली?
नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
वह इतना डरा कि उसके हाथ-पाँव फूल गए।
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
मौत के मुँह में जाना
