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दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए। - Hindi (हिंदी)

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Question

दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

यासुकी-चान तथा तोत्तो चान दोनों को अन्तत: पेड़ पर चढ़ने में सफलता मिली परन्तु दोनों की सफलता का अनुभव अलग-अलग था। यासुकी-चान का लक्ष्य पेड़ पर चढ़ना था। परन्तु तोत्तो चान का उद्देश्य यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाना था। यासुकी-चान को खुशी मिली तो तोत्तोचान को संतुष्टि।

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गद्य (Prose) (Class 7)
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Chapter 10: अपूर्व अनुभव - पाठ से [Page 81]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 10 अपूर्व अनुभव
पाठ से | Q 2 | Page 81

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