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Question
हाइड्रोजनीकरणका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?
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Solution 1
हाइड्रोजनीकरण एक अतिरिक्त प्रतिक्रिया है जिसका उपयोग मुख्य रूप से संतृप्त हाइड्रोकार्बन को कम करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, जब एथीन को उत्प्रेरक निकेल के साथ गर्म किया जाता है, तो यह ईथेन में परिवर्तित हो जाता है।
औद्योगिक अनुप्रयोग:
हाइड्रोजनीकरण का उपयोग कई औद्योगिक अनुप्रयोगों में किया जाता है। उदाहरण के लिए, पेट्रोकेमिकल उद्योग में, हाइड्रोजनीकरण एल्केन्स को एल्केन्स (पैराफिन) और साइक्लोअल्केन्स में परिवर्तित करता है। इसका उपयोग वनस्पति तेलों से वनस्पति घी तैयार करने के लिए भी किया जाता है।
Solution 2
असंतृप्त हाईड्रोकार्बन हाईड्रोजन से योग करके संतृप्त यौगिक बनाते है। यह प्रकिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है। इस प्रकिया को तेल से घी बनाने में प्रयोग किया जाता है।
\[\ce{{वनस्पति तेल} + H2 ->[Ni][473 K] {वनस्पति घी}}\]
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खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है कि ______।
सिरका एक विलयन है -
CH3 — CH2 — O — CH2— CH2 Cl में उपस्थित विषम परमाणु है ______
- ऑक्सीजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- क्लोरीन
निम्नलिखित यौगिक के नाम लिखिए -
\[\begin{array}{cc}
\phantom{....}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{O}\phantom{......}\\
\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}||\phantom{......}\\
\ce{H} - \ce{C} - \ce{C} - \ce{C} - \ce{C} - \ce{C} - \ce{OH}\\
\phantom{}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{....}|\phantom{.......}\\
\phantom{}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{...}\ce{H}\phantom{.......}\\
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों में उपस्थित क्रियात्मक समूहों के नाम दीजिए।
- CH3 CO CH2 CH2 CH2 CH3
- CH3 CH2 CH2 COOH
- CH3 CH2 CH2 CH2 CHO
- CH3 CH2 OH
443 K पर सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के आधिक्य में एथेनॉल को गरम करने पर एथीन बनती है इस अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल की क्या भूमिका है? इस अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
कॉलम (A) में दी गई अभिक्रियाओं का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए नामों से कीजिए।
| कॉलम (A) | कॉलम (B) | ||
(a) |
`"CH"_3"OH" + "CH"_3"COOH"overset("H"^+)(->) "CH"_3"COOCH"_3 + "H"_2"O"` | (i) | संकलन अभिक्रिया |
| (b) | `"CH"_3 = "CH"_2 + "H"_2 overset("Ni")(->)"CH"_3 - "CH"_3` | (ii) | प्रतिस्थापन अभिक्रिया |
| (c) | `"CH"_4 + "Cl"_2overset("सूर्य का प्रकाश")(->)"CH"_3"Cl" + "HCl"` | (iii) | उदासीनीकरण अभिक्रिया |
| (d) | `"CH"_3"COOH" + "NaOH" -> "CH"_3"COONa" + "H"_2"O"` | (iv) | एस्टरीकरण अभिक्रिया |
चित्र को देखिए तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- परखनली B में लिए गए कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आप क्या परिवर्तन देखते हैं?
- परखनली A तथा B में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ दीजिए।
- यदि एथेनोइक अम्ल के स्थान पर एथेनॉल लिया जाए तो आप किस प्रकार के परिवर्तन की अपेक्षा करते हैं?
- प्रयोगशाला में चूने का पानी किस प्रकार बनाया जा सकता है?

आप निम्नलिखित परिवर्तन किस प्रकार करेंगे? प्रक्रिया का नाम दीजिए तथा प्रयुक्त रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
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- प्रोपेनॉल का प्रोपेनोइक अम्ल में परिवर्तन
एक कार्बनिक यौगिक A, सांद्र H2SO4 के साथ गरम करने पर एक यौगिक B बनाता है जो Ni की उपस्थिति में एक मोल हाइड्रोजन के योग से यौगिक C बनाता है। यौगिक C में के एक मोल के दहन पर दो मोल CO2 तथा तीन मोल H2O बनता है। यौगिक A, B तथा C को पहचानिए तथा प्रयुक्त अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
